निचलौल। मुसहर बस्ती गेड़हवा गांव के टोला बलुआ (जलागम) में बृहस्पतिवार को भी अग्नि पीड़ितों में खौफ साफ दिखाई पड़ा। 30 अप्रैल को आग लगने से राख हुई 12 गृहस्थियों का मंजर कोई भुला नहीं सका है। यहां महिलाएं व मासूम बच्चे सहित अन्य लोगों की आंखों में आंसू दिख रहे थे।
हादसे के दो दिन बाद भी हर कोई झोपड़ियों की राख के ढेर में सामान सहेजने में जुटा नजर आया। कोई कपड़े तो कोई अनाज तलाशता रहा। बच्चे कापी-किताबे ढूंढने में मशगूल रहे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पीड़ितों के लिए खाना और जरूरत का सामान लेकर पहुंचे तब पीड़ितों ने राहत की सांस ली।
वहीं प्रशासन भी हालातों पर नजर बनाए रखा है। गांव निवासी विक्रम चौहान, मनोज यादव, निजामुद्दीन अंसारी और छन्नू ने बताया की 30 अप्रैल को राजकुमारी देवी के घर से अचानक उठी आग बस्ती के 12 घरों को जलाकर राख कर दी।