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Maharajganj News: स्कूलों का अग्निशमन यंत्र बदहाल, बढ़ सकती है मुश्किल

Fri, 21 Apr 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय चिउरहा में रखा गया अग्निशमन यंत्र।संवाद
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महराजगंज। जिले के अधिकांश स्कूल में अग्निशमन यंत्र की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। पुराना होने की वजह से वे जहां जर्जर हो चुके हैं, वहीं उसे बदलने के लिए अब तक न तो स्कूल प्रबंधन ने गंभीरता दिखाई और न ही अग्निशमन विभाग ने। गर्मी में वहां आग से जुड़ी घटनाओं के होने का डर बना रहता है। अधूरी व्यवस्था में वहां पर भी मुश्किल बढ़ सकती है। ऐसे में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संबंधित लोगों को तत्परता दिखानी होगी।
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जिले में संचालित होने वाले सभी 1812 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने का दावा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से किया जाता है। यह भी कहा जाता है कि सभी जगह अग्निशमन यंत्र हैं। अधिकांश विद्यालयों में लगे यंत्र जहां पुराने होने की वजह से बदलने की स्थिति में आ गए हैं तो कुछ नए सिरे से रीफिलिंग कराने की स्थिति में। 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को यंत्र चलाने का प्रशिक्षण तक नहीं दिलाया जा सका है।

स्कूल एक
सदर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रमपुरवां में 80 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां पर रसोई घर मेें दो अग्निशमन यंत्र रखे पाए गए जो जर्जर हालत में पाए गए। इनकी वैधता भी मई 2022 में खत्म पाया गया। प्रधानाध्यापिका अरुंधति ने बताया कि विद्यालय में कुल छह शिक्षक व कर्मी हैं, किसी को यंत्र चलाने की जानकारी भी नहीं है।
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स्कूल दो
प्राथमिक विद्यालय चिउरहां में कुल 114 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां पर भी रसोई घर में उसे अग्निशमन यंत्र रखे मिले। यंत्र जर्जर स्थिति में दिखे, यहां पर उसे रिफिल कराना पाया गया। उसकी वैधता फरवरी 2024 तक मिली। बालू व पानी रखने वाले बाल्टी में बोतल व कूड़ा-कबाड़ रखा मिला।

बुधवार को घुघली के प्राथमिक विद्यालय में लगी आग घुघली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय किशुनपुर में बुधवार को दोपहर मध्याह्न भोजन बनाते समय आग लग गई थी, जिसके बाद स्कूलों में मची अफरा-तफरी से छात्र भयभीत हो गए। सफाईकर्मी सुग्रीव व ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह आग पर काबू पाया गया।

स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्र की रीफिलिंग कराने के लिए कंपोजिट ग्रांट के मद से धनराशि व्यय की जा सकती है। प्रधानाध्यापक उसे दुरुस्त कराने का कार्य करें।
-शैलेंद्र वर्मा, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन

स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्र की अवधि दस वर्ष की होती है। दस वर्ष तक इसमें प्रत्येक वर्ष रीफिलिंग कराया जाना चाहिए, जिससे कि उसके संचालन में समस्या न आए। स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्र को चलाने के लिए शिक्षको को जागरूक करने की पहल होगी।
-जसबीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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जिले के विद्यालयों में लगे अग्निशमन यंत्र को सही रखने व शिक्षकों को उसके संचालन की जानकारी देने की दिशा में अग्निशमन विभाग से समन्वय बनाते हुए प्रयास होगा।
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-आशीष कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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