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Maharajganj News: ई-केवाईसी के फेर में उलझे किसान, सम्मान निधि की किस्त भी फंसी

Thu, 25 May 2023 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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Page No : 6किसानों की समस्या सुनते उप कृषि निदेशक रामशिष्ट।संवाद
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शिविरों में भी सुलझ पा रही समस्या, उप निदेशक कृषि कार्यालय का चक्कर लगाने को किसान मजबूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्रधानमंत्री सम्मान निधि पाने वाले किसान ई-केवाईसी के फेर में उलझ गए हैं। किसी के खेत का रकबा गलत है तो किसी के आधार और बैंक खाते में गड़बड़ी है। ऊपर से ई-केवाईसी कराने का झंझट। इसके लिए किसान सजह सेवा केंद्र और गांवों में लगने वाले शिविर तक दौड़ लगा रहे हैं। फिर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। हर जगह से थक हार चुके किसान अब उप निदेशक कृषि के कार्यालय का चक्कर काटने लगे हैं। कागजात पूरा न होने पर किसानों की सम्मान निधि भी फंस गई है।
जिले में 4,48,000 लाख किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिलता है। किसानों के अनुसार, ई-केवाईसी नहीं होने से प्रत्येक दिन कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किस्त आनी भी बंद हो गई है। बुधवार को उप कृषि निदेशक कार्यालय पर आए किसानों ने डीडीएजी को अपनी समस्याएं बताईं। किसान राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि भूमि का अंकन होने में गड़बड़ी है। ई-केवाईसी भी करानी है। इन खामियों का सुधार कराने में मशक्कत करनी पड़ रही है। सुखारी यादव ने बताया कि ई-केवाईसी कराने में समस्या आ रही है। सजह सेवा केंद्र का सर्वर फेल है। दो दिनों से वहां जा रहा हूं, लेकिन सर्वर फेल होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है।
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उप निदेशक कृषि रामशिष्ट ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से कोई भी किसान छूटने न पाए, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को आवेदन करने के बाद उनके पात्रता की जांच के अलावा सभी प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी। हर ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाया जा रहा है। इसमें 13 किस्त भेजने से पहले सभी पात्र किसानों के बैंक खाते को आधार से लिंक किया जाएगा। जिससे अगली किस्त आधार संबंधित गेटवे पेमेंट से किया जाएगा।
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डेढ़ लाख किसानों की नहीं हुई ई-केवाईसी

उप कृषि निदेशक कार्यालय के अनुसार जिले में अब भी करीब डेढ़ लाख किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। वह अपने करीब के काॅमन सर्विस सेंटर से अपना ई-केवाईसी करा लें। जिले के 4,48,000 हजार किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है।
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किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही है। पहले आवेदन किया था। वह अब पोर्टल पर रिजेक्ट दिख रहा है। दोबारा कराया है। तहसील स्तर पर रुका है। कार्यालय की ओर से बताया गया है कि इसमें भूमि अंकन किया जाना है। तहसील से पूर्ण होने के बाद जिले व प्रदेश स्तर के प्रमाणित होने के बाद आवेदन पूर्ण माना जाएगा।
जियावन, बारीगांव
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पहले आवेदन किया था। नौ किस्त निर्धारित समय पर आई, लेकिन 10वीं किस्त अब तक नहीं आई है। माता और भाई को किस्त समय पर मिल रहा है। कार्यालय से बताया जा रहा है कि ई-केवाईसी कराते हुए बैंक अकाउंट से आधार को लिंक कराना है। इसके बाद अगली किस्त आएगी।
पिंटू, वसूली फार्मा

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आधार से मोबाइल लींक जरूरी
ई-केवाईसी के लिए आधार व मोबाइल फोन नंबर का बैंक खाते से जुड़ा होना जरूरी है। नाम मैच नहीं होने पर भी ई-केवाईसी नहीं होगी। सभी प्रपत्रों में एक तरह से नाम होना चाहिए।
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कोट
22 मई से जिले में पीएम संतृप्तिकरण अभियान का संचालन हो रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विभाग के 90 कर्मचारी के अलावा पंचायत सहायक, ग्राम सचिव, लेखपाल आदि को जिम्मेदारी दी गई है ताकि वंचित किसानों को योजना का लाभ मिल सके।
रामशिष्ट, उप निदेशक, कृषि
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