सूखी नहरों में पानी का इंतजार कर रहे किसान, देरी हुई तो बढ़ेगी समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
पनियरा। धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो गया है। 15 मई से 20 जून तक धान की नर्सरी डालने का उचित समय माना जाता है। नहरों में पानी नहीं रहने से किसान नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। कुछ किसान सिंचाई के वैकल्पिक साधनों से किसी तरह नर्सरी डाल रहे हैं, लेकिन अधिकतर किसान संसाधनों के अभाव में धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं।
सिल्ट की सफाई के कारण अप्रैल से नहरों को बंद कर दिया है। जिन किसानों के पास पंपिंग सेट की सुविधा है, वह नर्सरी डालने की तैयारी में जुट गए हैं, लेकिन संसाधन विहीन किसान नहर के पानी के भरोसे हैं। क्षेत्र के भवानीपुर, गांगी बाजार, बहरामपुर, मंसूरगंज, बैदा, मुजुरी, रामनगर, मौलागंज, सतगुर, रतनपुरवा, तेंदुअहिया, सुचितपुर, अनंतपुर आदि गांवों के किसान गोल्डन व संभा प्रजाति के धान की नर्सरी डालते हैं।
किसान महेंद्र चौधरी, अनिल निषाद, राधेश्याम, बाबूलाल गुप्ता, रणजीत शर्मा, बैजनाथ गुप्ता, रणजीत, राजेश सहानी, रामललित, मनोज सिंह, अनिल निषाद, सुरेंद्र आदि ने नहर में पानी छोड़ने की मांग की । सिंचाई विभाग प्रथम के अवर अभियंता आबिद अली ने बताया कि 30 मई सुबह में बड़ी नहर में पानी आ जाएगा। इसके अलावा चार दिनों में सभी शाखाओं में पानी आ जाएगा।