महराजगंज। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक माह पहले आधार निर्माण और संशोधन का जिम्मा सौंपा गया था। उन्हें घर घर जाना था और किसका आधार कार्ड नहीं बना है और किसके आधार में बदलाव करना है इसके लिए हर ब्लॉक पर एक-एक टैब दिए गए थे। कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में आने वाले घरों का सर्वे करते हुए कार्ड बनाने के लिए लोगों का चिह्नांकन, उसके बाद टेबलेट लेकर डाटा भरते हुए कार्ड के लिए आवेदन किया जाना था, लेकिन आश्चर्य की बात सिर्फ 7000 कार्ड बनाने के बाद कवायद ठंडी पड़ गई है। जरूरतमंद कार्यकर्ताओं की राह देख रहे हैं।
बाल विकास विभाग के आंकड़ों की माने तो जनपद में लगभग 50 हजार से अधिक लोगों के आधार कार्ड नहीं बने हैं, जिसमें अधिकतर छोटे बच्चे हैं। सरकार ने जबसे स्कूलों में आधार कार्ड को प्रवेश के लिए अनिवार्य किया है तबसे लोग आधार बनवाने के लिए यहां वहां दौड़-भाग कर रहे थे। आधार सुधार के लिए भी काफी संख्या में लोग परेशान थे। समस्या को देखते हुए बाल विकास परियोजना विभाग सक्रिय हुआ।
जिले भर में कार्यकर्ताओं के माध्यम से निशुल्क आधार कार्ड बनाने के लिए सर्वे व आधार बनाने की जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए सभी ब्लाॅक में एक एक टेबलेट भी दिए गए। शुरुआती सक्रियता के बाद इस समय कार्यकर्ता उदासीनता बरतने लगे हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लोग भी इनके सर्वे की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन यह कब-तक काम संपन्न करेंगे यह बताने वाला कोई नहीं है।