मिठाई की दुकानों में अंकित नहीं की जा रही अंतिम तिथि
जानकारी के अभाव में कई दिनों की बनी मिठाई खरीद रहे ग्राहक
बासी मिठाइयां होती हैं सेहत के लिए हानिकारक, होती हैं कई रोग
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले की मिठाई की अधिकतर दुकानों में मिठाई बनाने की तिथि और एक्पायरी (अंतिम) तिथि की सूची चस्पा नहीं की जा रही है। ऐसे में खरीदारी के समय ग्राहक को पता नहीं चल पा रहा है कि वह कितने दिन की बनी मिठाई खरीद रहा है। कई दिनों की बनी मिठाई (बासी) खाने से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ता है। कई बार लोग बीमार हो जाते हैं।
जिले में मिठाई की 70 से अधिक बड़ी दुकानें पंजीकृत हैं। इनके अलावा छोटी दुकानें भी हैं। इन दुकानों की जांच खाद्य एवं औषधि विभाग करता है। जुलाई माह में खाद्य पदार्थों के अधोमानक मिलने पर जिम्मेदारों ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय में करीब 16 मुकदमे दाखिल किए हैं।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जानने के लिए समय-समय पर जांच पड़ताल की जाती है। इसके बावजूद निचलौल, नौतनवां, सदर क्षेत्र में मिठाई की दुकानों में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आफ इंडिया के निर्देशों को पालन नहीं किया जा रहा है। नौतनवां कस्बे के मनोहर प्रसाद ने बताया कि मिठाई की दुकानों पर अंतिम तिथि नहीं लिखी जा रही है। निचलौल के आदित्य ने बताया कि जब सख्ती होती है तो नियम का पालन होता है। बाद में पहले जैसे स्थिति हो जाती है।
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मिठाई खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें
अधिक कलर व चमक वाली मिठाई न खरीदें। ऐसी मिठाइयां जल्द खराब होती हैं। इन्हें खरीदने से पहले जांच लें। मावा से बनी मिठाइयों के भी अधिक तापमान में जल्द खराब होने की आशंका रहती है। इन्हें खरीदने से पहले सूंघकर जांच सकते हैं। अधिक खुशबूदार मिठाई हो, तो उसे भी जांच कर खरीदें। इस तरह की मिठाइयों में केमिकल होता है।
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मिलावटी मिठाइयां पाचन तंत्र और आंतों को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे कब्ज, उल्टी, पेट दर्द और गैस आदि की दिक्कत हो सकती है। शरीर में सूजन भी हो सकती है। बच्चों के लिए ज्यादा नुकसान दायक है।
- डॉ. केपी सिंह, अधीक्षक, सदर सीएचसी
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ऐसे करें वर्क की पहचान
बर्फी हो या अन्य मिठाई, इसमें शुद्ध चांदी की वर्क लगाई जाती है। चांदी के वर्क से मिठाई सुंदर और सेहत के लिए अच्छी हो जाती है। चांदी का वर्क महंगा होने के चलते अधिकतर कारोबारी एल्मुमिनियम फॉइल लगा देते हैं, जो शरीर के लिए घातक होता है। असली वर्क की पहचान करना आसान है। असली वर्क अंगुली से रगड़ने पर फैल जाता है, जबकि नकली वर्क जमा रहता है।
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खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच हमेशा की जाती है। दुकानदारों को निर्देश है कि वह मिठाई की एक्पायरी और बनाने की तिथि को अंकित करें। सभी दुकानों में एक्सपायरी की स्लीप लगी होनी चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- अमित कुमार पांडेय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी