मरीजों के साथ बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी, कागज में मिल रही पूरी बिजली
शहर के अलावा गांव में भी आपूर्ति व्यवस्था बदहाल, लोगों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक रुक-रुक कर हो रही बिजली कटौती से लोग तंग आ चुके हैं। दिन में करीब आठ से दस बार तो रात में भी पांच से छह बार बिजली गुल रहती है। दोपहर में तो अक्सर बिन बिजली लोगों को रहना पड़ता है। रात में नौ बजे के बाद भी यही हाल है। गांव में तो आने जाने का कोई शेड्यूल ही रहा।
रविवार को शहर में सुबह से लेकर शाम करीब आठ आर बिजली गुल हुई। सुबह बिजली रही लेकिन नौ बजे गुल हो गई। करीब घंटे भर बाद आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। गांधी नगर के सुनील कुमार ने बताया कि बिजली की जरूरत तब होती है तो कट जाती है। सुबह नौ से 10 बजे तक ऑफिस जाने का समय होता है, प्रत्येक दिन इस समय बिजली गुल हो रही है।
सत्येंद्र यादव ने बताया कि बिजली विभाग के रजिस्टर में बिजली पूरी मिल रही है, लेकिन फाल्ट के नाम पर घंटे भर गुल जाती है। कभी आधे घंटे में ही आ जाती है तो कभी 20 मिनट में। शहर के अलावा गांव में भी आपूर्ति की बदहाल दशा है।
घुघली क्षेत्र के चौमुखा गांव के रत्नेश कहते हैं कि गर्मी में कटौती ज्यादा हो रही है। बिजली के आने जाने का कोई शेड्यूल नहीं है। करीब सात से आठ घंटे बिजली मिल रही है। मरीजों व बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।
फरेंदा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का यहीं हाल है। लेहडा के ब्रजेश तिवारी ने बताया कि अधिकारियों की कथनी करनी में बहुत अंतर है। बिजली बेहतर ढंग से नहीं मिल रही है।
कोट
बिजली आपूर्ति बेहतर ढंग से की जा रही है। कहीं भी समस्या होने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। अभी अवर अभियंता, एसडीओ अपने-अपने क्षेत्र में आपूर्ति बेहतर ढंग से बहाल करने की दिशा में सतर्क हैं। सभी को निर्देश दिया गया है कि फोन आने पर तुंरत गंभीरता से बात सुनकर समस्या का समाधान करें, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम