-अधिवक्ता ने की एसडीएम से शिकायत कर जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। तहसील में बंधक भूमि को मनमाने तरीके से दाखिल खारिज करने का मामला सामने आया है। इसमें बार एसोसिएशन के एक अधिवक्ता ने मंगलवार को एसडीएम से शिकायत की तो तहसील में हड़कंप मच गया। वहीं तहसील के जिम्मेदार अब मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गए हैं।
बार एसोसिएशन के अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार तिवारी ने एसडीएम से बताया कि तहसील में तहसीलदार पद पर वाचस्पति सिंह 5 जून 2023 तक तैनात रहे। उसके बाद उनका स्थानांतरण सदर तहसील में हो गया। स्थानांतरण से पहले ही तहसीलदार ने पेशकार से मिलीभगत कर मनमाने तरीके से बंधक आराजी के बैनामे का दाखिल खारिज कर दिया है। जिस मामले का उजागर खतौनी में नाम दर्ज करने के लिए कंप्यूटर डेस्क पर पहुंचा तो हुआ। तहसील में इस गड़बड़ झाले को लेकर अधिवक्ता से लेकर आम लोगों के बीच काफी नाराजगी और तरह-तरह की चर्चा है। एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि अधिवक्ता की ओर से की गई शिकायत के बाद मामले की जानकारी मिली है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराकर आदेश को निरस्त कराने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इन पत्रावलियों का हुआ है आदेश
अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार तिवारी ने शिकायत के साथ साक्ष्य प्रस्तुत कर कहा है कि रामराजी बनाम हरिवंश, लीलावती बनाम बिक्रम, रागिनी बनाम राहुल, कमलेश बनाम किशोरी, दिनेश बनाम अनिरुद्ध, कुसमा बनाम विद्या, मुअरी बनाम राधापती, सायरा बनाम राधापती, खैरूल बनाम त्रिलोक, गीता बनाम बृजेश, मालती बनाम राजेश, राजरानी बनाम गणेश, इंद्रावती बनाम शचींद्रनाथ, गीता बनाम सुशीला, शशिभूषण बनाम सत्येंद्रनाथ, शांति बनाम मोला, पूनम बनाम महेश, अजोरा देवी बनाम जुगत, संतोष बनाम अधारे, मीना बनाम जितेंद्र के बंधक आराजी के बैनामे की पत्रावली को दाखिल खारिज करने का आदेश पारित कर दिया गया है।