बभनौली में कुल्हड़ बनवाते सुनील कुमार।
महराजगंज। इंजीनियर बनने के लिए युवा दिन रात एक कर देते हैं, लेकिन अब कई युवाओं को यह नौकरी रास नहीं आ रही है। वह स्वरोजगार कर अपनी किस्मत चमका रहे ही हैं साथ ही कुछ हाथों को भी रोजगार दे रहे हैं। गोरखपुर निवासी सुनील ने लाखों की नौकरी छोड़कर कुल्हड़ बनाने की फैक्ट्री लगाई। आज वह लाखों रुपये कमा रहे हैं।
गोरखपुर के हुमायूंपुर निवासी सुनील कुमार सिंह 2002 में डिप्लोमा इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने 17 वर्ष एक कंपनी में नौकरी की। उससे संतुष्ट नहीं हुए तब उन्होंने स्वरोजगार करने की ठानी। वर्ष 2021 में और इन्होंने मिट्टी को ही अपना व्यापार चुना। उन्होंने पनियरा थाना क्षेत्र के बभनौली में एक एकड़ जमीन खरीदकर कुल्हड़ व मिट्टी के और बर्तन बनाने लगे। आज उनके कारखाने में 30 की संख्या में युवा काम कर रोजाना पांच से छह सौ रुपये कमा रहे हैं।
सुनील सिंह ने बताया कि एक दिन में वे 30-40 हजार कुल्हड़ का उत्पादन कर लेते हैं। कुल्हड़ बनाने की एक मशीन लगभग 30 हजार रुपये की है। वर्तमान में उनके पास 17 मशीनें हैं। आठ लाख रुपये की एक मशीन गैस टनल (भट्ठी) है। इसके अलावा मिट्टी काटने व पीसने की मशीन भी है।
उन्होंने बताया कि कुछ लोग खुद आकर ले जाते हैं। एक आदमी छह से सात घंटे काम कर के दो से तीन हजार कुल्हड़ बना लेता है। बने कुल्हड़ को हटाने व मिट्टी बगैरह लाने के लिए कुल मिलाकर सुनील सिंह महीने का 60-70 हजार रुपए की आमदनी करते हैं। मिट्टी के बर्तन बनाने का सांचा पीयूपी का होता है। इसमें मिट्टी के बर्तन की नमी जल्द दूर हो जाती है। यहां काम करने वाले सबरजीत, राधे, दीपक, गनेश, रामकिशुन, प्रीति, रंजू, सुंदरी व पाखी ने बताया कि वह लोग काफी समय से काम कर रहे हैं। गांव के बगल में काम मिल गया है। समय से पैसा मिल जाता है। घर का खर्च चल जाता है।