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कर्मचारियों में लाठीचार्ज से उबाल

Tue, 15 Mar 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
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लखनऊ में लाठी चार्ज के विरोध में संविदा कर्मियों ने धरना दिया
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मांगों को लेकर संविदा कर्मचारी संघ ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय के समक्ष कार्य बहिष्कार कर प्रदेश सरकार विरोधी नारे लगाए। 
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कर्मचारी नेता सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की तरफ से 14 मार्च से 16 मार्च तक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। जो आज से शुरू कर दिया गया है।  

   डीसीपीएम विपीन बिहारी पाठक ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के बराबर सुविधा देने एवं विनियमितीकरण समेत नौ मांगों को हर हाल में सरकार से मनवाया जाएगा। हरिकेश बहादुर यादव ने कहा कि संविदा कर्मचारी अपने मतभेदों को भुला कर एकजुटता बनाए रखे। एक जुटता से ही अपने मांगों को सरकार से मनवाया जा सकता है। कार्य बहिष्कार में सभी लोग सहयोग करें।  धर्मेन्द्र कुमार, डा. विजय सिंह, लबली वर्मा, साकिर, सतेन्द्र शर्मा, नवीन कुमार श्रीवास्तव, विजय सिंह, ऊषा यादव, दुर्गावती मिश्रा, विजय प्रकाश प्रजापति के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे। 
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 फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी में संविदा कर्मचारियों की बैठक हुई। लखनऊ में हक की लड़ाई लड़ रहे कर्मियों पर लाठीचार्ज की निंदा की गई।डॉ. ओपी त्रिपाठी ने कहा कि लखनऊ में हक की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों पर सरकार ने लाठियां चलवाईं। जिसमें पुरुषों और महिलाओं को चोट आई है। मांगें पूरी होने तक सभी लड़ाई जारी रखें।

प्रमोद पांडेय ने कहा कि शिक्षित युवाओं को संविदा की नौकरी देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे में समायोजित कर नियमित किया जाए। डॉ. सीबी पांडेय, डॉ. दिलीप तिवारी, रामसरन गुप्ता, डॉ. विशाल, डॉ. आसमा, डॉ. विश्वजीत राय, पूनम राय, अमित पांडेय, रत्नावली, हासिम अंसारी, ममता मिश्रा, बबिता शर्मा, अर्जुन सिंह, आदि लोग रहे।

निचलौल प्रतिनिधि के मुताबिक लखनऊ में संविदा कर्मियों पर लाठी चार्ज के विरोध में सोमवार को सीएचसी परिसर में कार्य बहिष्कार कर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना दिया। पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
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 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही जेल में बंद  निर्दोष स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल रिहा किया जाए। अन्यथा आंदोलन और भी  उग्र होगा। रिजवी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। डॉ. कालिंदी सिंह, इरशाद अहमद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, रश्मि गुप्ता, श्रीनिवास  पटेल व रोशनी सिंह आदि  मौजूद रहे।
 
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