महराजगंज। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना में बिजली का झंझट नहीं रहेगा। हर गांव में स्थापित होने वाले पंप को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा। आबादी व पंप की क्षमता के हिसाब से सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने की परियोजना में ऊर्जा बचत का भी ध्यान दिया जा रहा है। ट्यूबवेल चलाने के लिए सोलर पैनल लगाया जा रहा, जिससे जलापूर्ति में किसी तरह की बाधा न पहुंचे। खास बात यह है कि सोलर पैनल में बैट्री नहीं होगी। मोटर सीधे सूर्य की किरणों से चार्ज होकर चलेगा। जलजीवन मिशन के तहत करीब 600 गांवों में सोलर लगाया जा रहा है। इसमें 70 स्थानों पर काम पूरा हो चुका है। यहां पेयजल आपूर्ति सोलर से संचालित हो चुकी है। आने वाले दिनों में परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति के लिए बिजली की दिक्कत नहीं रहेगी। योजना में सभी जगह सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं। बिजली न होने पर भी लोगों के घरों में पानी पहुंचेगा। पानी की टंकी भरने के लिए सुबह-शाम सोलर पंप चलाए जा सकेंगे। सोलर पंप से मोटर चलने पर बिजली बिल भुगतान की चिंता ग्राम पंचायतों को नहीं होगी।
23 किलो वाट का होगा सोलर पैनल
अधिशासी अभियंता आतिफ हुसैन ने बताया कि पानी टंकी के पंप को चलाने के लिए 15 हार्स पावर का पंप लगाया जाता है, जिसके संचालन के लिए 23 किलो वाट का सोलर पैनल लगाना होगा। सूर्य की किरणों से चार्ज होकर सीधा पंप चलने लगेगा। सुबह-शाम तीन-तीन घंटे संचालित होगा। 100 स्थानों पर जहां स्थान कम है, वहां ओवरहेड टैंक बिजली से संचालित हैं। 600 स्थानों पर सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है। जल मिशन के तहत 70 स्थानों पर पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है।