महराजगंज में बीते तीन दिन से बिजली निगम के कर्मियों की हड़ताल से कई जगहों पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। जिले में करीब 400 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कहीं टॉर्च की रोशनी में गृहिणी को भोजन पकाना पड़ा तो कहीं बच्चों को मोमबत्ती जलाकर पढ़ाई करनी पड़ी।
कोई मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए परेशान है तो कोई मोमबत्ती के सहारे काम चला रहा है। इस समस्या का असर लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ी है। इससे बिजली निगम के प्रति लोगों में नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान में चौक बाजार, निचलौल, ठूठीबारी, सिसवा क्षेत्र के करीब 400 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है। सुबह तो किसी तरह से काम चल जा रहा है, लेकिन शाम को मुश्किल बढ़ जा रही है। शुक्रवार शाम को इन गांव में अंधेरा छाया रहा। जिसके पास सोलर लाइट है, उसे तो कम परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन जिसमें पास कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं है, उसे तो अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। कई लोगों के मोबाइल फोन बंद हो गए हैं। कुछ लोग तो जुगाड़ से कहीं और जाकर मोबाइल फोन चार्ज कर लिया।
बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई से लेकर सभी जरूरी काम काज प्रभावित है। कुछ लोगों के घरों की टंकी में पानी खत्म हो गया तो हैंडपंप से काम चलाना पड़ा। आरओ भी नहीं चल पा रहा है। इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं। चेहरी गांव के गोविंद मणि ने बताया कि पुआल जलाकर उजाला करना पड़ा। घर में सोलर लाइट नहीं है। मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं है। बैट्री से छोटा सा बल्ब जलाकर किसी तरह से भोजन तैयार किया गया।
बिजली नहीं आने से मिल बंद हो गई है। धान की कुटाई नहीं हो रही। करीब साठ हजार का नुकसान चौबीस घंटे में हो चुका है। कामकाज प्रभावित हो रहा है। हड़ताल ऐसे ही रही तो ज्यादा नुकसान होने की उम्मीद है।
- रविंद गुप्ता, राइस मिल संचालक, चौक बाजार
बिजली आपूर्ति ठप होने से कुछ समय तक इन्वर्टर से कम चलता रहा, लेकिन अब वह भी बंद हो गया है। फोटोकॉपी समेत ऑनलाइन काम शुक्रवार सुबह से ही प्रभावित है। दुकान से ग्राहक वापस जा रहे हैं। पता नहीं कब बिजली आपूर्ति बहाल होगी। बहुत नुकसान हो रहा है।
- मनोहर प्रसाद, झनझनपुर
टंकी में पानी समाप्त हो गया। हैंडपंप चलाकर दूसरी मंजिल पर पानी लाकर भोजन पकाना पड़ रहा है। बहुत दिक्कत हो रही है। बच्चों को सुबह तैयार करने में भी देर हो गई। बगैर टिफीन लिए बच्चे स्कूल चले गए।
- जया पांडेय, गृहणी, चौक बाजार
24 घंटे से बिजली आपूर्ति न होने से घर का सारी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। रसोई घर में टॉर्च जलाकर किसी तरह भोजन बनाना पड़ा। बच्चे एक कमरे में खामोश बैठे हैं। उनकी पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। समस्या बढ़ती जा रही है।
- अंशु अग्रवाल, बैंक रोड, सिसवा बाजार
सुबह दुकान आना था। टंकी पानी भरा हुआ नहीं था तो जल्दबाजी में बगैर नहाए ही दुकान पर आया। दोपहर में हैंडपंप पर जाकर स्नान किया। बिजली नहीं रहने से शाम को दुकान जल्दी बंद करना पडा।
-अनिल मद्धेशिया, निचलौल कोर्ट वार्ड
घर में बिजली नहीं है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों को पढ़ने में परेशानी हो रही है। मोमबत्ती से ज्यादा देकर काम चलाना भी मुश्किल है। आगे भी इसी तरह से हड़ताल जारी रही तो परेशानी बढ़ जाएगी। गांव में अंधेरा छाया हुआ है।
- सुरेश कसौधन, खोन्हौली