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Maharajganj News: बाढ़ की चपेट में मुसहरों के आठ टोले, सड़कों पर पांच फुट पानी

Mon, 30 Sep 2024 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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सोहगीबरवा के मुजा टोला पर घरों में बाढ़ का पानी घुसने से छत पर शरण लिए लोग।
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निचलौल। नारायणी नदी में उफान से बेकाबू लहरों ने सोहगीबरवा इलाके में तबाही मचा रखी है। खेतों से लेकर रास्तों और घरों में तेजी से बाढ़ का पानी भर रहा है। सोहगीबरवा, भोतहा और शिकारपुर के करीब आठ टोले के सभी मकानों के भीतर तक पानी पहुंच गया है। ऐसे में पूरा सोहगीबरवा बाढ़ के पानी से घिरकर टापू सरीखे नजर आ रहा हैं। सोहगीबरवा निवासी राकेश गुप्ता, पवन कुशवाहा, डॉ. हरेंद्र निषाद, अमलेश कुशवाहा,अमर निषाद आदि ने बताया की बाढ़ से लगभग 22 हजार आबादी प्रभावित है। घरों में पानी भरने से लोगों के सामने रहने और भोजन का संकट खड़ा हो गया है। सभी रास्ते बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सभी गांवों और टोले का संपर्क कट गया है। सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं। वही मुजा टोला निवासी शिवसरन पटेल ने कहा की यहां पर सभी गांवों और टोले के सभी घरों में पानी घुस गया है। सड़कों पर पांच से छह फीट पानी बह रहा है। बाढ़ से प्रभावित लोग छतो और ऊंचे स्थान पर शरण ले रहे हैं। घरों में पानी भर जाने से भोजन पकाने की समस्या होने लगी है। ऊंचे स्थान पर चूल्हा रखकर किसी तरह भोजन पकाया जा रहा है। पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे कई तरह की समस्याएं खड़ी होने लगी हैं।
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भोथहा निवासी सद्दाम हुसैन नौका टोला बिरेंद्र कुमार ने कहा की रास्तों पर पानी का तेज बहाव है। पैदल आना-जाना जोखिम भरा होने से ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं। यह गांव टापू बन गए हैं। ग्राम प्रधान की ओर से कुछ भोजन बनाया जा रहा है। जो अधिकांश लोगों को नहीं मिल पा रहा है।


बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ राहत सामाग्री भी आ चुकी है
निचलौल एसडीएम शैलेंद्र कुमार गौतम ने कहा की बाढ़ आने की सूचना पर तत्काल टीम सोहगीबरवा पहुंच हालत का जायजा लिया। बाढ़ पीड़ितों के लिए रसोई घर शुरू कर दिया गया। किसी प्रकार की कोई जनहानि होने की आशंका नहीं है। सभी लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंच चुके हैं। कुछ लोग अपनी छतों पर तिरपाल लगाकर ठिकाना बना लिए हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ राहत सामाग्री भी आ चुकी है। हालात ठीक होने पर उसे भी जल्द वितरित करा दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद की जा रही है।
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ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए दी सलाह
नारायणी नदी में उफान होने से सोहगीबरवा समेत सीमावर्ती इलाकों के कई गांव बाढ़ के चपेट में आ गए हैं। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने ग्रामीणों से कहा कि नदी का जलस्तर घट बढ़ रहा है। इसलिए आप सभी जागरूक और सतर्क रहें। बच्चों और जानवरों को नदी से दूर रखें। यदि कोई भी समस्या है। तो तुरंत तहसील प्रशासन को सूचना दें। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अवर अभियंता ने बताया कि लगातार निगरानी की जा रही है।


अगर जिम्मेदार सुन लिए होते गुहार तो नहीं आती बाढ़
निचलौल। क्षेत्र के खड्डा नहर स्थित तेरह चार पुल के पास से निकली करीब चार किलोमीटर लंबी पावर हाउस स्केप नहर का पानी गंडक नदी के टेल फॉल पर गिरती है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही इस नहर का भी जलस्तर बढ़ने लगता है।
इस नहर के तटबंध गेड़हवा गांव के पास टूटने से हर वर्ष तबाही मचाती है। टूटे तटबंध को मरम्मत कराने के लिए विभाग के जिम्मेदारों से ग्रामीण काफी गुहार लगा चुके हैं। जिम्मेदार टूटे तटबंध को जल्द मरम्मत कराने की आश्वासन देकर अनदेखा कर देते हैं। ऐसे में एक बाद फिर नारायणी नदी का जल्द स्तर बढ़ने पर मुसहर बस्ती के करीब 500 घरों को बाढ़ का सामना करना पड़ा है।

मुसहर बस्ती गेड़हवा निवासी अमरनाथ, श्रीराम, धर्मेंद्र चौधरी, बुद्धिराम चौधरी, जसवंत राजभर आदि ने कहा की बीते करीब एक दशक पूर्व गंडक नदी में आई बाढ़ की धारा से गांव के उत्तर पश्चिम दिशा में पावर हाउस स्केप नहर का तटबंध करीब 100 मीटर टूट गया था। तभी से हर वर्ष गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांव जलमग्न हो जाता है। इससे फसलें खराब होने के साथ ही जन जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। ऐसे में एक बार फिर पहाड़ों और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ गया। गांव में बाढ़ का पानी घुस आया है। टूटे तटबंध को मरम्मत कराने के लिए जिम्मेदारों से काफी गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन जिम्मेदार केवल उन्हें आश्वासन देते हैं। वह लोग हर वर्ष बाढ़ की समस्याओं से होकर गुजरते है। लेकिन जिम्मेदार तटबंध मरम्मत को लेकर आज तक गंभीर नहीं हुए।

सिंचाई खंड गोरखपुर के सहायक अभियंता जेके मल्ल ने बताया की उन्हें मामले की जानकारी है। टूटे तटबंध की मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। बरसात बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू कराकर जल्द ही टूटे तटबंध की मरम्मत कार्य करा लिया जाएगा।
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