महराजगंज। लोकसभा चुनाव के लिए 1000 निजी वाहनों का अधिग्रहण कर मालिकों को नोटिस दिया गया है। चुनाव ड्यूटी से वाहनों को हटवाने के लिए वाहन मालिकों ने जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है। रोजाना दो से चार लोग आरटीओ कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। आरटीओ विभाग ने इन वाहन मालिकों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए नियत तिथि और समय पर वाहन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। इतना ही नहीं लापरवाही बरतने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
आरटीओ विनय कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए सभी श्रेणी के करीब 1000 निजी वाहनों को अधिग्रहण किया गया है। चुनाव के दौरान मतदान कर्मियों व शांतिपूर्ण मतदान के लिए लगने वाले सुरक्षा कर्मियों को बूथों व मतदान केंद्र पर ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने सभी तैयारी पूरी करके वाहनों के अधिग्रहण का काम तेज कर दिया है।
पूर्व में जिन वाहनों के कागजात सही नहीं थे। उनको नोटिस भेजकर कागजात ठीक कराने का आदेश दिया गया था। एआरटीओ कार्यालय में करीब 1000 निजी वाहन मालिकों को अधिग्रहण का पत्र तैयार कर भेजा जा चुका है। थाने के सहयोग से वाहन का अधिग्रहण पत्र वाहन मालिकों तक पहुंचा दिया गया है। वाहन को चुनाव ड्यूटी से बचाने के लिए हर रोज दो से चार वाहन मालिक जुगाड़ लगाकर कार्यालय पहुंचे रहे है। फिलहाल ऐसे वाहन मालिकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा गया है, की किसी भी दशा में वाहनों को समय से उपलब्ध कराया जाए। अगर कोई बहुत जरूरी है, तो उसपर विचार किया जाएगा।
वहीं वाहन मालिकों का कहना है की चुनाव के बीच में मांगलिक कार्यक्रम भी है। पहले से ही जो शादियां तय हो गई हैं। उनके लिए वाहनों की बुकिंग कई वाहन मालिकों ने पहले से ही कर लिया है। ऐसे में वाहन मालिक व चालक असमंजस की स्थिति में हैं। चुनाव से एक दिन पूर्व ही संभागीय परिवहन विभाग सभी अधिग्रहित वाहनों को कस्टडी में ले लेगा। जो मतदान समाप्ति व कर्मचारियों को मुख्यालय पर छोड़ने के बाद ही खाली हो पाएगा। ऐसे में वाहन मालिक अपनी पैठ के हिसाब से वाहनों को चुनाव ड्यूटी से अलग रखने के लिए हर संभव प्रयास व जुगाड़ लगाने का प्रयास कर रहे हैं। एआरटीओ ने बताया कि तय तिथि व समय में निर्धारित स्थान पर गाड़ी नहीं पहुंची तो केस दर्ज कराया जाएगा।