महराजगंज। शहर में प्रमुख स्थानों पर अलावा का इंतजाम तो है, लेकिन भींगी लकड़ियां जल नहीं रही हैं। शहर में सक्सेना चौक, हनुमानगढ़ी, मऊपाकड़, फरेंदा रोड समेत अन्य स्थानों पर शनिवार को बुझे हुए अलाव देखने को मिले। वैसे जिला प्रशासन शहर में 20 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने का दावा कर रहा है।
शनिवार को शहर में सदर ब्लॉक के पास अलाव बुझा दिखा। पास से गुजर रहे जितेंद्र ने बताया कि लकड़ियां सूखी होंती तो समस्या नहीं होती, लेकिन भींगी लकड़ियों से अलाव जले तो कैसे। शहर में सक्सेना चौराहे पर अलाव के पास लोग खड़े दिखे। यहां अलाव जल रहा था, लेकिन भींगी लकड़ियों से समस्या हो रही थी। रामचंद्र यादव ने बताया कि शहर में अलाव के इंतजाम तो दिख रहे हैं, लेकिन लकड़ी सूखी नहीं हैं। शहर में भ्रमण के दौरान अलाव की बदहाल व्यवस्था पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया सुनने को मिली। रमेश वर्मा ने बताया कि ठंड बढ़ गई है। गलन से बचने के लिए अलाव जरूरी है। सदर कोतवाली के पास अलाव बुझा दिखा तो बस स्टेशन के पास अलाव जल रहा था। शहर में टैक्सी स्टैंडों पर अलाव बुझा दिखा। जिला अस्पताल परिसर में अलाव ठीक से नहीं जलता मिला। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर में सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव जल रहा है। सूखी हुई लकड़ियाें की व्यवस्था की गई है।
सुबह की सैर पर जाना मुश्किल
लोगों को सुबह की सैर में परेशानी हो रही है। कोहरा इतना अधिक है कि पास की चीजें भी दिखाई नहीं दे रही थीं। ऐसे में लोगों ने घर में रहना ही ठीक समझा। नेहरू नगर के उदित कुमार ने बताया कि वे रोज सुबह पांच बजे ऑफिस जाने से पहले सुबह की सैर पर जाते हैं, लेकिन शनिवार को कोहरा अधिक होने से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इस वजह से टहलने नहीं गया। अधिकतम तापमान 21 तो न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति छह किमी प्रति घंटे की रही।