महराजगंज। आनंदनगर-महराजगंज-घुघली रेलमार्ग बिछाने के लिए ड्रोन लाइडर सर्वे शुरू हो गया है। दिल्ली से आई टीम काम में जुट गई है। रेलवे ट्रैक बिछाने के रास्ते में आने वाली जमीनों की फोटो ड्रोन से ली जा रही है। शुक्रवार को करीब चार किमी क्षेत्र की फोटोग्राफी हुई। टीम सभी जरूरी प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी है। चेहरी गांव तक ड्रोन सर्वे हो चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लाइडर ड्रोन एक विशेष मानव रहित हवाई वाहन है जो लाइडर सेंसर से सुसज्जित है। लाइडर तकनीक उल्लेखनीय सटीक जानकारी के साथ दूरियों को मापने के लिए लेजर प्रकाश का उपयोग करती है, जिससे ये ड्रोन नीचे के इलाके के थ्री डी मानचित्र बना सकते हैं। इसके जरिए ट्रैक बिछाने के रास्ते में आने वाली जमीनों की सटीक फोटो एकत्र की जा रही है। पिलर लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। गजट का प्रकाशन जल्दी हो जाएगा। चार गांव के जमीनों की फाइल भेजी जा चुकी है।
डीजीपीएस यानी स्टेटिक सर्वे पूरा हो चुका है। सदर व फरेंदा तहसील के 53 गांवाें से होकर 52.7 किलोमीटर रेल लाइन गुजरेगी। रेलवे लाइन के निर्माण के लिए 191.059 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। रेलवे ट्रैक जिन गांवों से होकर गुजरेगी, वहां के लोगों का कहना है कि 33 साल बाद जिला मुख्यालय को रेल मार्ग से जुड़ने का सपना पूरा होने वाला है।
रेलवे के सर्वेयर मुकेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि टीम तेजी से काम कर रही है। सोमवार तक ड्रोन लाइडर सर्वे पूरा हो जाएगा। पिलर भी तेजी से लगाया जा रहा है। तय समय सीमा के अंदर टीम अपना काम पूरा कर लेगी। चेहरी गांव तक ड्रोन लाइडर सर्वे पूरा कर लिया गया है। सर्वे होने के दौरान आसपास के लोग खुशी जाहिर कर रहे हैं। सवाल भी पूछ रहे हैं। उनके सवालों का जवाब देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।