शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल, नालों में जमा पड़ा है कूड़ा-करकट,
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर पालिका प्रशासन स्वच्छता को बढ़ावा देने का भले ही दावा कर रहा है, मगर हकीकत यह है कि नगर में सफाई व्यवस्था बदहाल है। नगर के सभी मुख्य मार्गों के किनारे बने नाले की सफाई नहीं हुई है। ऐसे में यदि बरसात हो गई तो न सिर्फ पानी सड़कों पर फैलेगा, बल्कि नगर वासियों की मुश्किलें काफी हद तक बढ़ जाएगी।
नगर के 25 वार्डों की कुल आबादी 59 हजार से अधिक है। इतनी आबादी में स्वच्छता के प्रबंध व अन्य कार्यों के लिए कुल लगभग 300 सफाई कर्मी रखे गए हैं। औसत के मुताबिक देखें तो लगभग 196 व्यक्तियों पर एक सफाईकर्मी की तैनाती है। कम सफाई कर्मियों के होने की वजह से स्वच्छता की स्थिति में जो सुधार होना चाहिए, वह नहीं हो पा रहा है। वार्ड तो दूर की बाद है नगर के प्रमुख मार्गों के किनारे बने नालों तक में सफाई व्यवस्था बदहाल है। जहां-तहां उसमें कूड़ा पड़ा हुआ है, मगर उसकी सफाई को लेकर पूरा तंत्र बेफ्रिक है। नगर के विभिन्न मार्गों पर स्थित नालों के पड़ताल में यह स्थिति सामने आई।
राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के किनारे बने नाले पर सक्सेना चौक के पास नाला कूड़ा-करकट से भरा पड़ा है, लेकिन पालिका की ओर से सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया है। निचलौल रोड पर मऊपाकड़ के पास बना नाला भी जाम है। उसमें कूड़ा-करकट भरा हुआ है, लेकिन उसके सफाई पर भी पालिका की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई गई है। चिउरहां मार्ग पर बने नाले में भी जगह-जगह गंदगी व्याप्त है। मगर सफाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस दिशा में कोई विशेष पहल नहीं की जा रही है।
नगर को स्वच्छ बनाने के साथ ही नियमित रूप से नालियों व अन्य जगहों पर सफाई के निर्देश दिए गए हैं। विशेष अभियान चलाते हुए भी सफाई कराई गई थी। आगे भी आवश्यकता के मुताबिक सफाई कराई जाएगी।
डॉ. पुष्पलता मंगल, अध्यक्ष नगर पालिका
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