महराजगंज। सिर दर्द को हल्के में न लें, माइग्रेन हो सकता है। केएमसी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में रोजाना 12 से 13 माइग्रेन के मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना या फिर गर्दन में दर्द होना ये सब माइग्रेन के शुरुआती लक्षण हैं।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डाॅ. आशुतोष दास ने बताया कि करीब 200 से ज्यादा तरह के सिरदर्द होते हैं। इसमें तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक कारणों की वजह से सिरदर्द शामिल हैं। दूसरा प्रमुख सिरदर्द है माइग्रेन। प्राइमरी सिरदर्द माइग्रेन, कलस्टर सिरदर्द, तनाव का सिरदर्द, इनका कोई ज्ञात कारण नहीं होता और यह कम खतरनाक होता है।
माइग्रेन का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है। माइग्रेन के रोगियों के लिए योग और प्राणायाम बड़े काम के साबित हो सकते हैं। हस्तपादासन, सेतुबंधासन, मर्जरासन, शिशु आसन पश्चिमोत्तानासन, पद्मासन, शशांकासन, हलासन, मत्स्यासन और शवासन माइग्रेन में विशेष लाभ पहुंचाते हैं। प्राणायामों में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी करने चाहिए। इसी के साथ जलनेति भी करें। वास्तव में योग से प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है और माइग्रेन को ठीक करने में मदद मिलती है।
सिर दर्द के मरीजों को ज्यादा देर भूखा नहीं रहना चाहिए
डॉक्टर आशुतोष दास के अनुसार, सिर दर्द के मरीजों को ज्यादा देर भूखा नहीं रहना चाहिए। तेज धूप या हवा से बचाव भी जरूरी है। ज्यादा देर तक टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल गेम्स या कान में लीड लगाकर म्यूजिक नहीं सुनना चाहिए। ज्यादा ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स से भी सिर दर्द की शुरुआत हो सकती है। दिन में दो-तीन बार चाय या काफी लाभकारी है। तनावमुक्त रहें और नियमित ध्यान करें। अधिक पानी पिएं, अपनी मर्जी से दवाइयां न लें।