महराजगंज। पराली जलाने से हवा दूषित होती है। मित्र कीट मर जाते हैं। मृदा के पोषक तत्वों की क्षति होती है।पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लेखपाल अवशेष नहीं जलने दें। इसको लेकर पुलिस भी प्रभावी कदम उठाएं। अपर डॉ पंकज कुमार वर्मा ने चारों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपील किसानों से करते हुए कहा खेत में आग नहीं लगाएं। पराली प्रबंधन से किसानों की आय बढ़ाई जाए। किसानों को जागरूक करने पर बल देते हुए कहा पराली जलाने से खेत के मित्र कीट भी मृत होते हैं।मृदा के पोषक तत्वों की भी क्षति हुई होती है। संवाद