खारिज दाखिल के 22 हजार लंबित मामले को देखकर डीएम सख्त
जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर, राजस्व व चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
कहा, विद्युत बकाए की वसूली पोर्टल से मिलान करते हुए की जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में खारिज दाखिल के लगभग 22 हजार मामले को लंबित देख जिलाधिकारी शुक्रवार को सख्त दिखे। उन्होंने सभी तहसीलदारों को अगले दो माह में संख्या को घटा कर 10 हजार से नीचे लाने का निर्देश दिया।
शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर, राजस्व व चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि विद्युत बकाए की वसूली पोर्टल से मिलान करते हुए की जाए। परिवहन विभाग की ओर से भी वाहन कर की वसूली की जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न दिखाई जाए। शिथिलता दिखाने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने निकायों के कम वसूली पर नाराजगी जताते हुए इसे बढ़ाने का निर्देश दिया।
मत्स्य पालन के लिए पट्टों के कम आवंटन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पट्टों की संख्या को बढ़ाने का निर्देश दिया। धारा 122 बी के सुस्त निष्पादन पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा सभी तहसीलदारों को इसे तेज करने का निर्देश दिया। कन्या सुमंगला व सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित आवेदन के सत्यापन में तेजी लाने का निर्देश दिया।
कृषक दुर्घटना बीमा योजना के सत्यापन के आवेदन के लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार, जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।