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Maharajganj News: अस्पतालों में गंदगी तो रोगों से कैसे बचेगी जिंदगी

Sat, 01 Jul 2023 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बरामदे में रखा गया बोतल चढ़ाने के बाद खाली बोतल और निडिल।संवाद
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सफाई व्यवस्था बेहतर करने की दिशा में गंभीर नहीं हैं अधिकारी



संवाद न्यूज एजेंसी



महराजगंज। अगर आप इलाज कराने जिला अस्पताल जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइये। कहीं अस्पताल में फैली गंदगी आप को नई बीमारी न दे दे। परिसर में वार्डों के पीछे की नालियां सफाई के अभाव में गंदगी से भर गईं हैं। इनसे बदबू आ रही है। यहां पर ठहरना मुश्किल हो रहा है। साथ ही संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरीके से ठप हो चुकी है।



स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रामक बीमारियों के बचाव करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बीमारियों से बचाव करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों के आस-पास साफ सफाई रखने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही मच्छरों को पनपने न देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे में अभियानों में कई विभागों को शामिल किया जा रहा है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग अपने ही परिसर को स्वच्छ नहीं रख पा रहा है। चिकित्सक मरीजों को स्वच्छ रखने की सलाह तो देते हैं, जबकि अस्पताल में गंदगी फैली हुई है।
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स्थान एकजिला अस्पताल परिसर में सिटी स्कैन कक्ष में कूड़े से कूड़ेदान हुआ दिखा। पास बेंच पर मरीज बैठे थे। बदूब के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी, लेकिन कोई कुछ कहने की जहमत नहीं उठा रहा था। सीटी स्कैन कराने आए सुरेंद्र ने बताया कि यहां समस्या तो बहुत है, लेकिन कहने से कुछ होने वाली नहीं है। अस्पताल परिसर में सफाई पर ध्यान दिया जाता तो कूडेदान भरा नहीं रहता। बदबू हो रही है तो भी किसी तरह से इलाज कराना ही पडेगा।







स्थान दो- जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बरामदे में बोतल चढ़ाने के बाद खाली बोतल और निडिल कूड़ेदान में रखा गया था। एक कर्मी पूछा गया कि इसे खाली क्यों नहीं किया गया तो वह बगैर कुछ बताएं ही आगे बढ़ गया। प्रशिक्षु नर्स अपने काम जुटी रही। गली में मरीज का इलाज कराने के आए राधाकांत ने बताया कि ट्रामा सेंटर संचालित हुए कुछ दिन हुए लेकिन स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।







ट्रामा सेंटर में बेड खाली स्ट्रेचर मरीज



ट्रामा सेंटर के बरामदे में स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीज का इलाज किया जा रहा था। जबकि अंदर बेड खाली थी। यहां तैनात किसी कर्मी ने मरीज को बेड तक ले जाने की जहमत नहीं उठाई। स्ट्रेचर पर इलाज हुआ तो वहीं छोड़ दिया गया।बरामदे में दो स्ट्रेचर पर मरीज लेटे रहे। शुक्रवार को बारिश होने के कारण ज्यादा मरीज भी नहीं आए थे, लेकिन कर्मियों की उदासीनता के कारण सुविधा का लाभ मरीजों को बेहतर ढंग से नहीं मिल पा रहा है। -



नाली की नहीं हो रही बेहतर ढंग से सफाई



जिला अस्पताल परिसर में नालियों की सफाई ठीक से नहीं होने के कारण मच्छरों की भरमार है। रैन बसेरा में मिले महेंद्र रावत ने बताया कि मच्छर ज्यादा लगाते हैं। नाली की सफाई ठीक ढंग से नहीं होती है। ऐसा लगता है कि मच्छर रोधी दवा नहीं डाली जाती हे। इस वजह से यह समस्या है। रैन बसेरा में रात में सोने के दौरान ज्यादा समस्या होती है।
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अस्पताल परिसर में सफाई पर पूरा ध्यान दिया जाता है। समय समय पर नालियों की सफाई कराई जाती है। अगर कहीं समस्या है तो संबंधित कर्मी को दायित्व के प्रति गंभीर रहने के लिए निर्देशित किया जाएगा।



डॉ. अर्जुन प्रसाद भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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