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Maharajganj News: आंधी-बारिश में मुश्किलों का सबब बन सकते हैं जर्जर भवन

Sun, 04 Jun 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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सुभाष नगर मुहल्ले में जर्जर भवन।संवाद
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नगर पालिका की ओर से दस से अधिक भवनों को किया गया है चिह्नित, स्थिति खराब होने के बाद सभी को जस की तस स्थिति में छोड़ा गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मानसून के आने में कुछ दिन बचे हैं। ऐसे में नगर में स्थित खंडहर भवन आंधी-पानी में कभी भी बड़ी मुश्किलों का सबब बन सकते हैं। विभिन्न स्थलों पर यह भवन स्थित हैं। किसी के न रहने से जहां यह खंडहर हो चुके हैं। बारिश में कभी भी इनके ढहने का डर बना रहता है। इन भवनों के आसपास रहने वाले लोग आंधी-बारिश के समय हमेशा डरे-सहमे रहते हैं। उन्हें यह डर सताता रहता है कि कहीं भवन गिर न जाए व लोग इसकी चपेट में न आ जाएं।
शहर में 10 से अधिक भवन खंडहर बन चुके हैं। इसमें से एक नगर के मुख्य चौराहे पर चलती-फिरती जगह पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के किनारे स्थित इस भवन के खंडहर में तब्दील होने की वजह से गृहस्वामी यहां नहीं रहते हैं। खंडहर होने के बाद यह जस का तस पड़ा हुआ है। रह-रहकर इसका हिस्सा टूट कर गिरता रहता है। आंधी-पानी के मौसम में भवन न सिर्फ हिलता नजर आता है, बल्कि उसके कभी भी ढहने की आशंका बनी रहती है। भवन के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाली जगह पर खंडहर भवन होने से जानमाल का खतरा बना रहता है। जनहित का देखते हुए इसे समय रहते ध्वस्त करा देना चाहिए।
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सुभाष नगर व सिविल लाइन वार्ड में भी खंडहर हो चुके हैं भवन
सुभाष नगर व सिविल लाइन वार्ड में भी बने पुराने घर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। उसमें भी एहतियात के तौर पर कोई रहता नहीं है। आसपास आबादी होने की वजह से लोगों के मन में उसके गिरने का डर बना रहता है। सुभाष नगर वार्ड से प्रतिदिन 200 से अधिक लोगों की आवाजाही होती है। यदि भवन गिर जाए तो काफी नुकसान होगा। सिविल लाइन वार्ड में स्थित कोतवाली परिसर में अधिकांश भवन भी खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।
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नगर पालिका के पास उपलब्ध नहीं कोई रिकार्ड
नगर पालिका के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है जिससे वह अधिकृत रूप से यह बता सके कि नगर में कितने खंडहर नुमा भवन हैं। मौखिक रूप से उनकी ओर से संख्या दस से अधिक बताई जाती है। पालिका की ओर से इनके ध्वस्तीकरण के लिए कोई पहल नहीं की गई है। हालांकि जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को कर सकता है।
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सक्सेना चौक के पास खंडहर नुमा भवन मेें कोई नहीं रहता है। भवन पूरी तरह जर्जर है। कभी भी गिर सकता है। भीड़भाड़ वाले स्थल को देखते हुए ऐसे भवनों को ध्वस्त कराना ही बेहतर है।
अजीत जायसवाल, सक्सेना चौक
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सुभाष नगर वार्ड में भी भवन खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है, लेकिन उसे ध्वस्त कराने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। बेहतर होगा कि उसे समय रहते हुए ध्वस्त करा दिया जाए।
सरफुद्दीन अहमद कुुरैशी, सुभाष नगर
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कोट
किसी भी भवन को माना जाता है कि वह 50 साल तक बेहतर स्थिति में रहेगा। इसमें यह भी महत्वपूर्ण होता है कि भवन निर्माण में किस प्रकार की सामग्री प्रयोग हुई है। अच्छी सामग्री के प्रयुक्त किए जाने से भवन की अवधि बढ़ जाती है।
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केके दूबे, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र
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कोट
नगर क्षेत्र में खंडहर नुमा भवन के रिकाॅर्ड को बनाए जाने की कवायद शुरू होगी, ताकि यह पता चले कि भवन कहां व किस हालत में है। खंडहर भवन को चिह्नित करके ध्वस्तीकरण के लिए पहल की जाएगी।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
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