मिठौरा। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत भले ही ग्रामीण इलाकों की पेयजल व्यवस्था में सुधार आएगा, लेकिन इसकी शुरुआत से पहले ही ग्रामीण इलाकों की सड़कें चौपट हो गई हैं। कई गांवों की सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से जगह-जगह सड़कों पर जलभराव हो गया है।
जिले में पिछले छह माह से गांवों में जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण चल रहा है। साथ ही गांवों में पाइप लाइनें बिछाई जा रही हैं। कई गांवों में 80 फीसदी से अधिक कार्य तो हो गए हैं लेकिन गड्ढे खोदकर भरे नहीं गए हैं। कहीं-कहीं तो गड्ढों में मिट्टी ही कम डाली गई है। सड़कों पर ईंट-पत्थर के ढेर लगे हैं। इससे घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। पानी निकास की व्यवस्था ठीक नहीं की गई है। इससे कई गांव में यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। जलभराव से लेकर फिसलन आदि की समस्या बढ़ गई है।
ग्राम सभा हरिहरपुर टोला मोतीपुर में चंद्रभान के घर के पास ढाई महीना पहले सड़क के किनारे गढ्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। पाइप दोनों तरफ से मुड़ गई हैं। ग्राम सभा मुजझना के सिसवनिया टोले पर अनिल के घर के पास पाइप लगाने बिछाने के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। ग्राम सभा में दोनों तरफ से पाइप लगाई गई है, लेकिन अभी तक पाइप को जोड़ा नहीं गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
मोतीपुर निवासी कमलावती ने बताया कि मेरे घर के सामने ठेकेदार ने गड्ढा खोदकर छोड़ दिया है। कई बार ठेकेदार से शिकायत करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया।
सिसवनिया निवासी नागेंद्र तिवारी का कहना है घर के बगल में तीन फिट गहरा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। प्रभारी बीडीओ मिठौरा पंकज कुमार ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों ने वार्ता कर समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।