महराजगंज। शहर में झूलते तारों से मुक्ति दिलाने के लिए पोल तार लगाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन काम धीमी गति से हो रहा है। इससे शहर की करीब 40,000 की आबादी को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। कहीं पोल पर तार लगाकर छोड़ दिया गया है तो ही तार मुख्य पोल से जुटा नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह तक काम पूरा करना है। अभी शहर के एक हिस्से में भी पूरा काम नहीं हुआ है।
महराजगंज नगर पालिका के 25 मोहल्लों में करीब 15 से अधिक मोहल्ले में बांस-बल्ली के सहारे ज्यादातर घरों तक केबल पहुंचा है। इससे दुर्घटना होने की आशंका प्रबल रहती है। शहर की करीब 60,000 की आबादी निवास करती है। बीते माह के अंतिम सप्ताह में जरूरत के अनुसार पोल व तार लगाने का काम शुरू हुआ, लेकिन तेज गति से नहीं हो पा रहा है। छत्रपति साहू जी महाराज मोहल्ले में पोल लगाकर तार दौड़ा दिया गया है, लेकिन मुख्य पोल से नहीं जुड़ने के कारण समस्या बनी है। दूर से घरों तक पहुंचा केबल कहीं-कहीं कटा हुआ है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
शनिवार को गांधी नगर मोहल्ले में झुलते तारों के नीचे से गुजर रहे वीरेंद्र मिले। उन्होंने बताया कि तार कहीं-कहीं कटे हुए हैं। तारे इतने नीचे लटके हैं कि आते-जाते स्पर्श हो जाता है। तार के पास से गुजरते समय सावधानी बरतनी पड़ती है। रास्ते से गुजर रहे राकेश ने बताया कि बीते माह तार रात में टूट गया था। इसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। गनीमत रहा कि कोई करंट की चपेट में नहीं आया। तार को किनारे पोल में किसी से तरह बांधा गया था। मोहल्ले में पोल लगा गया है। तार भी लगाया जा चुका है, लेकिन मुख्य पोल से नहीं जोड़ा गया है। एक ही पोल से 30 से अधिक तार लेकर घरों में पहुंचाया गया है।
शास्त्री नगर मोहल्ले में नगर सहकारी बैंक के बगल से जाते हुए पंडित दीनदयाल इंटर काॅलेज के बगल में पोल लगने के बाद भी बांस बल्ली के सहारे बिजली के तार दिखे। केबल लटके हुए हैं। नेहरू नगर वार्ड में सड़क के पास केबल लटका हुआ मिला। मोहल्ले के रामबचन ने बताया कि समस्या का समाधान कराने के लिए प्रयास तो हुआ लेकिन तेजी नहीं दिख रही है। ऐसे ही काम होता रहा तो बरसात आ जाएगी। यूनियन बैंक के पीछे पोल लगाया जा चुका है, लेकिन तार नहीं लगाया गया है। दूर से लाया गया कटा हुआ केबल दुर्घटना का कारण बन सकता है। चिउरहा मार्ग से होते हुए आजाद नगर वार्ड में पोल लगने के बाद भी बिजली के तार लटका हुआ दिखा। यहां भी पोल पर तार नहीं चढ़ाया गया है। मोहल्ले में दिनेश ने बताया कि काम धीमी गति से होने के कारण समस्या दूर होने में वक्त लगेगा। रिवैंप डिस्ट्रीब्यूटर सेक्टर स्कीम के तहत विद्युत पोल और जर्जर विद्युत तार को बदलने की व्यवस्था हुई है।
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उलझे हुए तार से कभी-कभी चिंगारी निकलती है तो डर लगता है। बीते दिन एक युवक करंट की चपेट में आने से बच गया। पोल व तार लगाने की गति बेहद धीमी है।
-गिरिजेश पटेल, शास्त्री नगर
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मोहल्ले में पोल लगाने का काम बीते 15 दिन से बंद है। काम कब शुरू होगा, इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल रही है। जैसे तैसे काम कराया जा रहा है।
-जितेंद्र शर्मा, आजाद नगर
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पोल के साथ तार लगाकर छोड़ दिया गया है। आधे हिस्से में तार भी नहीं दौड़ाया गया है। इस समय कोई कर्मी झांकने भी नहीं आ रहा है। समस्या अभी बनी हुई है।
-विजय कुमार, गांधीनगर
कार्यदायी संस्था को तेजी से काम कराने के लिए निर्देशित किया गया है। मार्च के पहले सप्ताह तक काम पूरा करा लिया जाएगा। जहां पोल लगने हैं, उस क्षेत्र का सर्वे कराया जा चुका है।
-वाईपी सिंह, अधीक्षक अभियंता
केस नंबर एक-शास्त्री नगर के नरेश रात में घर जा रहे थे। उनको कटे हुए केबल से स्पर्श होने पर झटका लग गया था। गनीमत रहा की झटका ज्यादा तेज नहीं लगा था।
केस नंबर दो- गांधी नगर में एक सप्ताह पहले रमेश को झटका लगा गया था। लोडर पर खड़े होकर तार ऊपर कर रहे थे। तभी कटे हुए केबल में स्पर्श हो गया। झटका लगा तो गिर गए।
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कहीं 100 मीटर तो कहीं 200 से अधिक मीटर की दूरी से पहुंचा है केबल
शहर में जहां केबल लटका हुआ है, वहां कहीं 100 मीटर की दूरी तो कही 200 से अधिक मीटर की दूरी से केबल घरों तक ले जाया गया है। केबल की दूरी अधिक होने के कारण समस्या ज्यादा हो रही है। बांस बल्ली झुकने के कारण केबल जमीन से स्पर्श कर गए हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के विस्तारित क्षेत्र से लेकर अन्य स्थानों पर जरूरत के अनुसार पोल व तार लगाए जा रहे हैं। जल्द नगरवासियों की समस्या का समाधान हो जाएगा।