महराजगंज। रंगाई-पुताई या अन्य छोटे-मोटे कार्यों के लिए कंपोजिट ग्रांट मद से स्कूलों को रकम दी गई थी। इसका उपयोग स्कूलों की मरम्मत में न करके अन्य कार्यों में खर्च कर दिया गया। बीएसए ने पत्र भेजकर रकम खर्च होने का ब्योरा मांगा है। स्कूल परिसर साफ सुथरे रहें और स्कूल भवन की रंगाई-पुताई समय समय से हो सके इसके लिए कंपोजिट ग्रांट की व्यवस्था है।
प्रधानाध्यापक सरकारी धनराशि को निर्धारित मद में नहीं खर्च कर रहे हैं। अब तक सिर्फ 157 स्कूलों ने खर्च धनराशि का विवरण विभाग को भेजा है। अन्य स्कूलों से ब्योरा नहीं आया है, इस पर बीएसए ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट मद से स्कूल में रंगाई-पुताई या मरम्मत प्राथमिकता के आधार कराए जाने हैं, लेकिन जांच में पाया गया कि कुछ स्कूलों में इस मद की रकम को दूसरे कार्यों में खर्च कर दिया गया है। ऐसे में 1695 स्कूलाें के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर रकम खर्च होने के संबंध में ब्यौरा मांगा है। पत्र के माध्यम से धनराशि किस कार्य में खर्च हुई है, इसके बारे में पूछा गया है। जिन स्कूलों ने अभी तक विवरण नहीं मिला है उनपर सख्ती की जाएगी। लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।