महराजगंज। परिषदीय विद्यालयों में स्कूल छोड़कर गायब रहने वाले शिक्षकों की मुसीबत बढ़ने वाली है। अब डायट के उप शिक्षा निदेशक के नेतृत्व वाली मूल्यांकन प्रकोष्ठ समिति की ओर से प्रतिदिन 10 विद्यालयों का पर्यवेक्षण करते हुए वास्तविकता को जांचा जाएगा। समिति के सदस्य शिक्षकों को वीडियो काल व काल करके उपस्थिति का ऑनलाइन अनुश्रवण करेंगे।
मूल्यांकन प्रकोष्ठ समिति गठित करने का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों के ठहराव के साथ ही बेहतर ढंग से शैक्षिक गतिविधियों को क्रियान्वित किया जाना है। समिति के सदस्य परिषदीय विद्यालय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों व अन्य कर्मियों को काल करके स्कूलों की हकीकत का पता लगाया जाएगा।
यदि किसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक की ओर से तीन बार अलग-अलग कार्य दिवसों में काल को उठाया नहीं गया तो ऐसे विद्यालयों के संबंध में डायट की मासिक बैठक में चर्चा की जाएगी तथा शिक्षकों के प्रति आवश्यक कार्रवाई किए जाने की पहल होगी।
समिति में इन्हें किया गया है शामिल
उप शिक्षा निदेशक डायट के नेतृत्व में गठित समिति में वरिष्ठ प्रवक्ता, एक-एक पुरुष व महिला प्रवक्ता के साथ ही एक तकनीकी सहायक भी शामिल होंगे। चेकलिस्ट के मुताबिक किया जाना है कार्य
शिक्षकों से ब्लॉक, विद्यालय व संकुल का नाम जानने के साथ ही काल करने की तिथि व समय को भी जाना जाएगा। काल के समय उसके विद्यालय में उपस्थिति के साथ ही जारी कालांश, विषयवार किए जा रहे शिक्षण कार्य, गतिविधियों, संदर्शिका के प्रयोग, टीएलएम के प्रयोग, गणित व विज्ञान किट के प्रयोग, रिमेडियल टीचिंग के प्रभाव, निपुण कार्ययोजना व तालिका के साथ ही कुल स्टाफ, उपस्थित स्टाफ, कुल छात्र नामांकन, मेंटर के भ्रमण व विद्यालय की समस्या की जानकारी ली जाएगी।
कोट
मूल्यांकन प्रकोष्ठ समिति की ओर से विद्यालयों के ऑनलाइन पर्यवेक्षण की व्यवस्था बनाई गई है। इससे शिक्षकों के ठहराव के साथ ही शैक्षिक वातावरण बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
-आशीष कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी