लक्ष्मीपुर (महराजगंज)। बनरसिहा कला में प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह के राजमहल अवशेषों का उत्खनन करने के लिए पुरातत्व की टीम ने सर्वेक्षण कर चिह्नांकन शुरू कर दिया है।
पुरातत्व उत्खनन अधिवेक्षण अधिकारी लखनऊ राम विनय ने बताया कि सर्वेक्षण टीम ने खुदाई वाले स्थलों का सर्वे करना शुरू कर दिया है। सर्वे करने के बाद चिह्नांकन किया जा रहा है। जिसमें एक दो दिन और लग सकते हैं । उसके बाद उत्खनन शुरु किया जाएगा। सबसे पहले राजमहल के अवशेषों का उत्खनन होगा। जिसके लिए निपुण कर्मचारियों की टीम लगाई जाएगी। ग्राम प्रधान अमित सिंह बताया कि भगवान बुद्ध के ननिहाल देवदह के पर्यटन स्थल के रूप में विकासित होने से दुनिया के पटल पर महराजगंज का नाम होगा और विकास को भी गति मिलेगी। अब देवदह ही नहीं आसपास के सौकड़ों गांव में विकास की आस जग गई है।
देवदह बौद्ध विकास समिति नौतनवां के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि उत्खनन के बाद प्राचीन स्थल को नई पहचान मिलेगी। इस अवसर ने सर्वेक्षक अनिल सिंह, मनमोहन डिमरी, ग्राम प्रधान अमित सिंह, प्रहलाद गौतम, बबलू तिवारी, विनोद गुप्ता, ओमप्रकाश चौधरी, अभयराम, मकबूल आदि उपस्थित रहे।