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Maharajganj News: नेपाल में भारतीय कपड़ों की बढ़ी मांग, तस्कर काट रहे चांदी

Fri, 20 Sep 2024 05:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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कपड़ा तस्करी का केंद्र बैरिहवा और खनुआ।
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महराजगंज। नेपाल में दशहरा पर्व को लेकर भारतीय कपड़ों की मांग बढ़ गई है। इस वजह से तस्कर इसका लाभ उठा रहे हैं। बीते दिन भैरहवा में एक पिकअप पर लगा लेडीज सूट व कपड़ा बरामद हुआ था। नेपाल पुलिस की पूछताछ में पता चला की कपड़ा भारतीय क्षेत्र की पगडंडियों से आया था। पर्दे के पीछे रहकर तस्कर इस काम को कैरियरों के जरिए कर रहे हैं।
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नेपाल में दशहरा पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। दशहरा पर्व नेपाल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। सरहद पर कड़ाई के बाद नेपाल में कपड़ों की डिमांड बढ़ गई है। नेपाल कपड़ों के लिए भारत पर निर्भर है। नेपाल कस्टम में ड्यूटी अधिक होने के कारण लोग सीमावर्ती बाजार से खरीद कर ले जाते हैं। दशहरा के बाद दीवाली, भैया दूज और छठ पर्व के कारण नेपाल में कपड़ों की मांग बढ़ गई है, जिसे भारतीय बाजार से पूरी की जा रही है। भारत में यह सस्ता भी मिल जा रहा है। इस वजह से नेपाल में कपड़ों की तस्करी काफी बढ़ गई है।
बीते मंगलवार को भैरहवा में भारी मात्रा में रेडीमेड कपड़े नेपाल पुलिस ने बरामद किए हैं जो भारत से तस्करी कर नेपाल पहुंचाए गए थे। पर्व का सीजन शुरू होते ही जनपद के नौतनवा, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी और निचलौल क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर चल रही है। स्थानीय दुकानदार नेपाल के कारोबारियों के साथ मिलकर भारतीय बाजारों से सस्ते दर पर कपड़ों को खरीदकर नेपाल पहुंचा रहे हैं।
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सीमा खुली होने का कारोबारी खूब लाभ उठा रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आ रहे हैं जो हजार, पांच सौ रुपये के लिए काम करते हैं, जबकि इससे जुड़े बड़े कारोबारी बेखौफ होकर मुनाफा कमाने में जुटे हैं। सूत्रों की माने तो सीमावर्ती क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से अधिक ऐसे रास्ते हैं, जहां से कपड़ों की तस्करी होती है। सामान्य तौर पर दिन में नेपाल के बाजारों से आने वाली महिलाएं होती हैं। उनके द्वारा कपड़े की खरीदारी करने के बाद उसे पहुंचाने के लिए दुकानदार कैरियर के सहारे गंतव्य तक पहुंचा दे रहे हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है। समय-समय पर बरामदगी की जाती है।
साइकिल के जरिए नेपाल पहुंच रहा है कपड़ा
भारत-नेपाल सीमा हमेशा काला कारोबार करने वालों के लिए मुफीद रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिले की 84 किमी खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्कर आसानी से माल पार कर लेते हैं। कपड़ा तस्करी को लेकर नेपाल सीमा चर्चा में है। अब इसी कड़ी में रेडीमेड कपड़े भी आ गए हैं। भारतीय कपड़ा नेपाल में साइकिल के जरिए पहुंच रहा है। हाल में जांच के दौरान कई मामले सामने आए हैं।

मुख्य सड़क पर कड़ाई के बाद पगडंडियों से बढ़ी तस्करी
भारत नेपाल के मुख्य सड़क सोनौली, ठूठीबारी पर कड़ाई के बाद तस्करों ने पगडंडियों का रास्ता पकड़ लिया है। सूत्रों की माने तो 30 से 40 लाख के कपड़े तस्करी के द्वारा नेपाल पहुंचा दिए जा रहे हैं। नौतनवा स्थित ट्रांसपोर्ट में सूरत, गुजरात, दिल्ली, कोलकाता से कपड़े मंगवाकर डंप किया जाता है। फिर छोटे वाहनों से 10 से 15 बंडल कपड़ों को सीमाओं के निकट गांव में रख दिया जाता है। यहां से कैरियर मौका मिलते ही साइकिल से नेपाल के सीमावर्ती गांव में पहुंचा देते हैं।

ट्रकों में बॉटम बनाकर होती है तस्करी
सूत्रों की माने तो नेपाल भंसार कस्टम शुल्क की चोरी के लिए नेपाल के कुछ बड़े तस्करों ने नेपाली ट्रक में बॉटम बनवा रखा है। जिसका खुलासा बीते दिनों बीरगंज भंसार कार्यालय की राजस्व चोरी के बाद पकड़े गए कपड़े के ट्रक से भारी मात्रा में कपड़ा नेपाल पुलिस ने बरामद किया था। इसके साथ ही भारतीय ट्रक में नकली बॉटम बनाकर कपड़ों की तस्करी करते थे।
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