नेपाल में काठमांडो और पोखरा जाने वाली मुख्य सड़क नारायण घाट-मुगलिंग पर पुल निर्माण में देरी से पर्यटकों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। एक जनवरी से 16 जनवरी तक रास्ते को बंद करने की समय सीमा को तीसरी बार 24 फरवरी तक बढ़ानी पड़ी है। इससे भारत से काठमांडो जाने वाले वाहनों काे ज्यादा समय तो लग ही रहा भंसार भी दुगुना देना पड़ रहा है।
नेपाल के चितवन जिले के मुगलिन-नारायणगढ़ सड़क खंड पर पुल निर्माण का काम एक जनवरी को शुरू हुआ। पुल का नींव बनाने और पहाड़ों को काटने के लिए 16 जनवरी तक आवागमन बंद किया गया। यह तय किया गया कि भारी वाहनों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। जबकि रोजाना 12 से चार बजे तक कोई भी वाहन इधर से नहीं गुजरेंगे। लेकिन समय से काम पूरा नहीं होने की वजह से दूसरी बार चार और तीसरी बार 25 फरवरी तक आवागमन बंद करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान काम में देरी होने के कारण भारतीय पर्यटकों और मालवाहकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन्हें एक दिन ज्यादा भंसार कटाना पड़ रहा है। मालवाहकों को भी गंतव्य तक पहुंचने में
चार से पांच दिन लग रहे हैं। नागाढुंगा-मुग्लिन सड़क परियोजना पश्चिम खंड के सूचना अधिकारी कृष्णा आचार्य ने बताया कि आपातकालीन सेवा एंबुलेंस पर रोक नहीं है। बुटवल से पोखरा जाने वाले मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इसके कारण तीन माह के लिए रात्रि आवागमन पर रोक है। इससे इस सड़क पर काफी दबाव है। रोजाना इस पर दस हजार से अधिक वाहनों का आना जाना है।
दो दिन की जगह चार दिन का कराना पड़ रहा भंसार
रास्ता बंद होने से पोखरा जाने वाले पर्यटक दो दिन की जगह चार दिन का भंसार करा रहे हैं। बुटवल-पाल्पा को जोड़ने वाली सिद्धबाबा सुरंग के निर्माण के लिए एक जनवरी से 100 दिनों के लिए सिद्धार्थ राजमार्ग को बंद कर दिया गया है। यह राजधानी काठमांडो और पोखरा को देश के पूर्व और पश्चिम से जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। इस lड़क से प्रतिदिन 10,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं।