निचलौल। ब्लॉक के सोहगीबरवा गांव से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर मृतक के नाम पर सोलर लाइट जारी कर दी गई। जबकि जिंदा लोग सोलर लाइट के लिए ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इस मामले में शिकायत के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने कहा कि सोहगीबरवा गांव के रहने वाले प्रहलाद गुप्ता ने सात जुलाई को डीएम से शिकायत कर बताया था कि गांव एक तरफ घने जंगलों से तो दूसरी तरफ नारायणी नदी से घिरा हुआ है। इससे यहां पर कुछ वर्षों से बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को अंधेरे से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर सोलर लाइट वितरण के लिए जिम्मेदारों को आदेश दिया। इसके बाद जिम्मेदारों ने सोलर लाइट वितरण के नाम पर रकम वसूली करते हुए खूब मनमानी की और एक ही परिवार में पति-पत्नी और उनके बेटों के नाम से सोलर लाइट दे दिया। हद तो तब हो गई जब जिम्मेदारों ने गांव के रहने वाले मृतक पन्नालाल के नाम से भी सोलर लाइट का वितरण कर दिया। जबकि पन्नालाल की करीब छह माह पहले ही मौत हो गई है। अधिकारियों की मनमानी की वजह से गांव के 88 पात्र परिवार अभी भी सोलर लाइट योजना से वंचित हैं।
डेढ़ माह बाद सहायक विकास अधिकारी को मिला पत्र
सोहगीबरवा गांव के रहने वाले प्रहलाद गुप्ता ने सात जुलाई को जिला मुख्यालय पहुंच डीएम से शिकायत कर जांच की मांग की थी। मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने 18 जुलाई को शिकायती पत्र के साथ सहायक विकास अधिकारी को पत्र भेजकर एक सप्ताह के अंदर जांच कर सत्यापन आख्या कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिया था। लेकिन सहायक विकास अधिकारी जिला पंचायत राज अधिकारी के पत्र को डेढ़ माह तक नजरअंदाज करते रहे।
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रकम वसूली का वीडियो भी हो चुका है वायरल
सोहगीबरवा में सोलर लाइट वितरण करने के नाम पर बीते दिनों एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में जिम्मेदार सूची में नाम जोड़ने के लिए हर व्यक्ति से रकम की वसूली कर रहे थे। इस मामले में 19 जुलाई को सोहगीबरवा पुलिस दो लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए चालान किया था।
जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से मिले पत्र के माध्यम से जानकारी मिली है। जल्द मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
-विनय पांडेय, सहायक विकास अधिकारी