आधे घंटे तक फरेंदा रोड पर बाधित रहा आवागमन
शहर में दौड़ रहे जर्जर तार बन सकते हैं हादसे का कारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर के फरेंदा रोड पर शनिवार की देर रात अचानक हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। तार में करीब 20 मिनट तक करंट दौड़ता रहा। हादसे की आशंका में लोगों के रूप कांप उठे। बिजली निगम के अधिकारियों को फोन करने के बाद बिजली कटी तो लोगों ने राहत महसूस की। संयोग अच्छा रहा कि तार टूटने के चंद मिनटों में आशीष यादव, दीपक गुप्ता, प्रतीक जायसवाल, हिमांशु, आनंद, विजय पहुंच गए। उन्होंने चिल्लाते हुए आ रहे ट्रक को दूर ही रुकने को कहा। थोड़ी ही देर में चार ट्रक आकर खड़े हो गए। इससे करीब आधे घंटे तक फरेंदा मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। इससे क्षेत्र में करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
हालांकि, बिजली निगम के कर्मियों ने रात में ही तार ठीक किया। इसके बाद भी रुक रुककर बिजली आने जाने का क्रम जारी रही। रविवार सुबह को शहर में पड़ताल के दौरान जर्जर तारों की असल तस्वीर सामने आई। अधिकारी आवास के पास ही तारों की मकड़जाल दिका। उलझे हुए तारों से अक्सर चिंगारी निकलती है। फाल्ट होने की समस्या यहां भी बनी रहती है। महेंद्र भारती ने बताया कि शहर में जर्जर तारों को बदलने की पहल नहीं की जा रही है। बिजली अक्सर आती-जाती होती रहती है। तार ठीक रहते तो निर्बाध बिजली मिलती।
काॅलेज रोड पर बस स्टेशन के पास बिजली का खंभा दिखा। मदरसे की ओर जाने वाले रोड के सामने यह खंभा है। इस पर तारों का मकड़जाल है। तेज हवा चलती है तो फाल्ट होने की समस्या बढ़ जाती है। ढीले जर्जर तार कब गिर जाएंगे कोई गारंटी नहीं है। सड़क के किनारे खड़े रत्नेश तिवारी ने बताया कि तारों को बदला जाना बेहद जरूरी है। पुराने तार कभी टूटकर गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा लगता है कि बिजली निगम हादसे के बाद जागेगा।
सक्सेना चौक से आगे बढ़ने पर बलिया नाले के पुल के पास बिजली के हाईटेंशन तार जर्जर हालत में दिखे। तारों पर सुरक्षा गार्ड नहीं लगा दिखा। आसपास के लोग कहते हैं कि तेज हवा चलने पर चिंगारी निकलती है तो बहुत डर लगता है। रजिस्ट्री कार्यालय के पास भी उलझे हुए तारे दिखे। शहर के अन्य हिस्सों में तारों का मकड़जाल हादसे का कारण बन सकते हैं।
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करीब 30 साल होती है तार की उम्र
बिजली निगम के अधिकारी के मुताबिक जो बिजली के तार 11 हजार वोल्ट या उससे अधिक की आपूर्ति के लिए लगे हैं, उनकी उम्र 30 वर्ष है। उससे पहले ही उससे बदल देना चाहिए। अगर बार-बार टूटता है तो कम वर्ष में बदला जा सकता है। अगर 30 वर्ष के बाद आपूर्ति की जा रही है तो वह हमेशा खतरनाक है।
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केस नंबर एक
चार दिसंबर 2022 पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मोहद्दीनपुर गांव में ग्राम प्रधान के घर विवाह समारोह कार्यक्रम में मंडप स्थल पर सजावट के लिए पाइप लगा रहे टेंट हाउस मालिक की बेटे संदीप भारती (24) निवासी तेंदुअहिया की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
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केस नंबर दो
तीन सितंबर 2022 को पनियरा थाना क्षेत्र के रजौडा पंजुम में एक किसान ने सब्जी के खेत को चारों तरफ से कंटीले तार घेर रखा था। जहां पर एक किसान रात में मोटर से पानी चला रहा था। उसी समय फसल को बर्बाद कर रही मवेशियों को बलजीत (22) दौड़ाया और कटे बिजली तार की चपेट में आ गया। इससे उसकी घटनास्थल पर मौत हो गई थी।
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शहर में 45 किमी है हाईटेंशन तार
बिजली निगम के अनुसार, शहर में 45 किमी दायरे में हाईटेंशन तार फैला हुआ है। एलटी लाइन 60 से 70 किमी में है। आरडीएसएस योजना के तहत तार बदले की व्यवस्था बनी है। शहर में 50 हजार उपभोक्ता हैं। 60 ट्रांसफार्मर लगे हैं। जर्जर तारों को बदलने के लिए कार्ययोजना तैयार हो चुकी है।
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बातचीत
जर्जर तारों में कभी भी हादसा हो सकता है। पुराने तार होने के कारण फाल्ट की समस्या होती रहती है। खंभे पर तार उलझे होने के कारण आपस में स्पर्श होने पर चिंगारी निकलती है।
- ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी, विस्मिल नगर
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तेज हवा चलती है तो फाल्ट हो जाता है। दिन में भी बिजली अक्सर गुल होती रहती है। समस्या के प्रति बिजली निगम के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। जर्जर तारों को बदला जाना बेहद जरूरी है।
-अदील अहमद खान, विस्मिल नगर
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ढीले तारों को कसने की जरूरत है। गर्मी जबसे बढ़ी है, तभी से दिनउ में बिजली कई बार कट रही है। समस्या के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं है। रात में तार टूटकर गिर गया। अगर दिन में गिरा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
-अंशु जायसवाल, शास्त्री नगर
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जनता की समस्या से किसी का कोई लेनादेना नहीं है। हादसा होने के बाद ही अधिकारियों की नींद खुलती है। तारों के मकड़जाल को ठीक कराने के लिए बिजली निगम के पास कोई योजना नहीं है।
सुनील कुमार, सक्सेना नगर
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कार्ययोजना बन चुकी है। जल्द ही शहर में जर्जर तार बदल दिए जाएंगे। बेहतर ढंग से बिजली आपूर्ति के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। सूचना मिलने त्वरित समस्या का समाधान कराया जाता है।
वाईपी सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम