कोहलपुर में गुरुवार शाम नेपाल पुलिस की पकड़ में आए रोहतक, हरियाणा के भारतीय दंपती ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि बहनोई समेत हरियाणा के कई रिश्तेदार सोनौली के ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं।
साथ ही उनकी सीमा पर नेपाल से लेकर भारत के अधिकारियों से अच्छी पकड़ है। वाहन सीमा पर पहुंचते ही ये लोग आसानी से उसे पार करा देते हैं। चरस ट्रांसपोर्ट के ही गोदाम में रखा जाता था। जब 20 से 25 किलो चरस जमा हो जाता था तो रिश्तेदार ट्रक से दिल्ली और फिर गोवा भेज देते थे।
नेपाल पुलिस ने सीमा पर डाला डेरा
चार पहिया वाहन के साथ पकड़े गए दंपती की निशानदेही पर नेपाल पुलिस ने शनिवार सुबह सोनौली सीमा पर पहुंच कर दंपती के रिश्तेदारों की खोजबीन शुरू कर दी। दंपती के रिश्तेदार ट्रांसपोर्ट क्लियरिंग के धंधे की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हैं। टीम के प्रभारी श्याम बस्नेत ने बताया कि सोनौली पुलिस और एसएसबी की मदद से पता लगा कर दंपती के रिश्तेदारों को पकड़ा जाएगा। जिन गोदामों में चरस रखने की बात सामने आयी है, वहां भारतीय पुलिस की मदद से छापेमारी की जाएगी। जांच में दोनों के पास भारत और नेपाल के फर्जी आईडी भी बरामद हुए हैं।
नेपाल की चरस की भारत में खूब डिमांड
पुलिस की पूछताछ में उसने बताया की नेपाल दांग और रुकुम जिले की चरस की भारत में अच्छी डिमांड है। इस सम्बन्ध में एसएसबी डिप्टी कमांडेंट मनीष कुमार ने बताया कि चरस के साथ भारतीय दंपती के पकड़े जाने की सूचना मिली है। नेपाल पुलिस की निशानदेही पर सोनौली ट्रांसपोर्ट के गोदामों पर छापेमारी करायी जाएगी। बाहर से आकर यहां रहने वाले क्या काम करते हैं, इसका भी पता कराया जाएगा। साथ ही सीमा के नवधनाढ्य लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
हाई प्रोफाइल बन लेते थे फायदा
नेपाल कोहलपुर पुलिस उपाधीक्षक नवराज पोखरेल ने बताया की चरस के साथ पकड़ा गया भारतीय नागरिक सत्यनारायण शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह कई बार नेपाल से चरस और सोने की तस्करी कर चुका है। अपने साथ अपनी पत्नी को भी रखता था, जिससे पुलिस उस पर शक न करे। इसका वह कई बार लाभ उठा चुका है। हाई प्रोफाइल महिलाओं की पुलिस भी अच्छी तरीके से जांच नही करती। यहां से यह चरस आसानी से सोनौली पहुंचा कर भारत के महानगरों में सप्लाई करता था।