लक्ष्मीपुर। 15 नवंबर 2014 को पुरंदरपुर थाना के रानीपुर चौराहा निवासी एक अधिवक्ता के घर में घुस कर मारपीट किये जाने के मामलें में न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा शीलवंत ने आठ के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। उक्त मामले में 9 लोगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर अधिवक्ता पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें बीते 24 दिसंबर 2016 को सभी आरोपियों को कोर्ट में तलब किया था। लेकिन आरोपियों के हाजिर नहीं होने की दशा में वारंट जारी किया गया है।
न्यायालय के तलबी आदेश में कहा गया है कि 15 नवंबर 2014 को सुबह लगभग पांच बजे दुर्गेश जायसवाल के घर के सामने शोर गुल की आवाज सुनाई दी । आवाज जानी पहचानी सी लग रही थी । परिवादी ने ज्यों ही अपना दरवाजा खोला कि संजय जायसवाल उर्फ गुड्डू, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, रामनाथ जायसवाल, दीपक जायसवाल, सागर जायसवाल व कृष्ण मोहन निवासी मानीराम थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर व तौलन जायसवाल निवासी सिधवारी टोला पोखरियापुर थाना फरेंदा गाली देते हुए घर में घुस गए ।
विरोध करने पर लात मुक्का, लाठी डंडा, हाकी, लोहे की राड व असलहे के बट से दुर्गेश को मारने पीटने लगे तथा उनके घर में तोड़ फोड़ भी की। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों को आते देख सभी हमलावर भाग गए। दुर्गेश व उनके परिजनों की हत्या कर देने की धमकी देते हुए दो बोलेरो में बैठ कर गोरखपुर की तरफ भाग निकले। घायल दुर्गेश को परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में भर्ती कराया।स्वस्थ्य होने के बाद दुर्गेश ने पुरंदरपुर थाने में नामजद तहरीर दी।मामले में 24 नवंबर 2014 को नौ हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत हो गया।
लेकिन मामले के विवेचक राम सहाय चौहान ने मुल्जिमानों से मिलकर मामलें में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस कार्रवाई से व्यथित दुर्गेश ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता ज्वाला मणि त्रिपाठी के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा के कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल किया। जिसके बाद न्यायालय ने मामलें की गंभीरता को देखते हुए परिवादी दुर्गेश व सात गवाहों का बयान दर्ज करते हुए आरोपी संजय, अजय, मनोज, प्रमोद, रामनाथ , दीपक , सागर व कृष्ण मोहन को 24 दिसंबर 2016 को तलब होने को कहा था। किंतु ऐसा नहीं होने पर आठ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।