लक्ष्मीपुर में पत्रकार वार्ता करते हियुवा जिलाध्यक्ष।
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लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना के लक्ष्मीपुर में छात्रों के विवाद को लेकर दो समुदायों में मारपीट के मामले हियुवा ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत 25 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने से नाराज हियुवा ने पुलिस के विरुद्ध महापंचायत का निर्णय लिया है।
शनिवार को हियुवा के जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय मोहनापुर में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि पुरंदरपुर पुलिस सत्ता पक्ष की कठपुतली बन गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों के विवाद के बाद दो समुदायों में जमकर मारपीट हो गई थी। एक समुदाय के लोगों ने राष्ट्र विरोधी नारे भी लगाए थे।
किंतु पुलिस घटना का अल्पीकरण करते हुए दोनों पक्षों के 119 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया तथा दो लोगों को जेल भी भेज दिया। प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह के साथ हियुवा के लोग घटना का जायजा लेने गए थे। वह स्वयं और एएसपी भी मौजूद थे। सब कुछ शांतिपूर्ण था, किंतु पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह समेत 25 लोगों के विरुद्ध उत्तेजक व धर्म विरोधी भाषण आदि का आरोप लगाते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया।
यह पुलिस की सरासर नाइंसाफी है। पुलिस ने सत्ता पक्ष के लोगों के इशारे पर काम किया है। इसे हियुवा कार्यकर्ता कतई बर्दास्त नहीं करेंगे। पांडेय ने यह भी कहा है कि पुलिस को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शीघ्र ही महापंचायत लगाई जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी एसओ पुरंदरपुर व जिला प्रशासन की होगी।