तीन साल पहले हत्या के एक मामले में कोर्ट ने अभियुक्त पति को आजीवन कारावास की सजा और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
बरगदवा के रुपनारायण ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके गांव में इद्रीस पत्नी सफीकुननिशा निवासी पोखरा नवलपरासी घटना के छह महीने पहले आकर रहने लगा। छह जून 2013 को घर पर किसी लड़की को बुलाया है इसकी जानकारी होने पर पत्नी से विवाद हुआ। रात में इद्रीश पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या और शव छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में अपर शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार त्रिपाठी ने छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया। गवाहों व कागजात के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय योगेंद्र राम गुप्त ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।