कोठीभार थानाक्षेत्र के ग्राम सभा रानीपुर मझौवा से डेढ़ वर्ष पूर्व 20 वर्षीय सुमन भारती के लापता होने के मामले में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एक नया मोड़ आ गया है। गांव के ही तीन सगे भाइयों ने सुमन को अगवा कर हत्या करने की बात स्वीकार किया है। सोमवार को नायब तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी निचलौल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने शव छिपाने वाले स्थान पर पहुंच जेसीवी मशीन से घण्टों खुदाई कराया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
ग्राम सभा रानीपुर मझौवा निवासी भगवंत प्रसाद की 20 वर्षीय पुत्री सुमन भारती 28 दिसंबर 2015 को सुबह दस बजे किताब खरीदने के किये घर से बाहर निकली। मगर शाम तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच सुमन की एक सहेली से पता चला कि सुमन को गांव के सियरही भार टोला निवासी पुजारी यादव का बेटा रमाशंकर के साथ देखा गया था। परिजनों ने जब रमाशंकर के घर पहुंच सुमन के विषय में पूछताछ किया तो उन्होंने इस बात से साफ पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद भगवंत प्रसाद एक सप्ताह तक रिश्तेदारों तथा अन्य स्थानों पर बेटी सुमन की तलाश करते रहे। मगर उन्हें निराशा हाथ लगी। 5 जनवरी 2016 को भगवंत ने कोठीभार थाने में रमाशंकर तथा उसके दो भाइयों रामनरायन व रामलखन के खिलाफ सुमन को अगवा कर हत्या किए जाने की तहरीर दिया।
तहरीर दिए जाने के बाद भी सत्ता में हनक के कारण पुलिस ने मुकदमा तो पंजीकृत किया मगर मुजरिमों की गिरफ्तारी नहीं की। इसके बाद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सुमन के परिजन कोठीभार थाने का चक्कर लगाते रहे मगर पुलिस ने उनकी एक न सुनी। भगवंत प्रसाद इस मामले को लेकर पुलिस विभाग के सबसे बड़े अधिकारी डीजीपी, मानवाधिकार सहित मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई मगर उन्हें कहीं से भी न्याय नहीं मिला। अंतत: भगवंत मामले को लेकर उच्च न्यायालय में पहुंचे। न्यायालय ने तत्कालिक पुलिस कप्तान भारत सिंह यादव व कोठीभार थानाध्यक्ष राजेश वर्मा को मामले के संदर्भ में दो बार नोटिस भेजा जिसका इन लोगों ने अनुपालन नहीं किया। 22 अप्रैल 2017 को न्यायालय ने कोठीभार पुलिस को 6 दिनों के अंदर मामले का खुलासा करने का आदेश दे डाला। उच्च न्यायालय का आदेश मिलते ही पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आ गई और रविवार की शाम को ही आरोपी तीनो सगे भाइयों को थाने पर उठा लाइ जहां कड़ाई से पूछताछ करने पर रमाशंकर और रामनरायन ने सुमन की हत्या कर अहिरौली घाट पर ठिकाने लगाने की बात स्वीकारी। अगली सुबह सोमवार को नायब तहसीलदार निचलौल सुनील कुमार, सीओ निचलौल सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसओजी व सर्विलांस प्रभारी राजेश वर्मा की टीम, थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता, एसआई सतीश कुमार सिंह, रामसहाय चौहान, दिलीप शुक्ला, अरुण द्विवेदी, कॉन्स्टेबल अभिनव सिंह, जनेश्वर सिंह, राजू सिंह, अमित गुप्ता, सुनील कुमार यादव, आरएन यादव की पुलिस टीम ने अहिरौली घाट पर पहुंच रमाशंकर व रामनरायन की निशानदेही पर लगभग ढाई घंटे तक जेसीवी मशीन से खुदाई कर शव ढूंढने की कोशिश करते रहे।
मामले में थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि आरोपियों के निशानदेही पर शव को ढूंढने की कोशिश की जा रही है। रमाशंकर और उसके भाई रामनरायन ने हत्या की बात स्वीकारी है जिन्हें जेल भेज दिया गया।