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सिसवा-कप्तानगंज मार्ग जाम 

Mon, 11 Jul 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार को बेलवा में कोटेदार का शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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घुघली। बेलवा तिवारी गांव के कोटेदार की मौत से गुस्साए लोगों ने रविवार को बेलवा में सिसवा-कप्तानगंज मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। गांव वाले कोटेदार की मौत के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उनका कहना था कि डीएसओ की प्रताड़ना से कोटेदार की मौत हुई है। चार घंटे बाद एसडीएम पहुंचे और समुचित कार्रवाई का आश्वासन देकर गांव वालों को शांत कराया। इस दौरान सिसवा-कप्तानगंज मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। 
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घुघली थाना क्षेत्र के बेलवा तिवारी निवासी कोटेदार शंकर मद्देशिया की शनिवार को मेडिकल कालेज में मौत हो गई थी। मौत की खबर से गुस्साए गांव वाले रविवार की सुबह नौ बजे पूर्व ग्राम प्रधान सुग्रीव चौधरी, राम सुधारे यादव व आमिर खान के नेतृत्व में लोगों ने शव रख कर सड़क पर जाम लगा दिया और डीएसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। गांव वालों का कहना था कि कोर्ट के आदेश से शंकर का कोटा बहाल हो गया था लेकिन जिला पूर्ति अधिकारी धन उगाही की नीयत से मामले को लटका रहे थे। डीएसओ के रवैए से परेशान कोटेदार की तबीयत बिगड़ गई और अंतत: उनकी मौत हो गई। 

जाम की सूचना के बाद पुलिस तो मौके पर पहुंच गई लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया। इससे प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए और जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर बुलाने को लेकर अड़ गए। लगभग चार घंटे बाद एसडीएम सदर चंद्रपाल तिवारी पहुंचे। उनके आश्वासन पर गांव वाले माने और जाम समाप्त हुआ।
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चक्का जाम कर रहे लोगों में जनार्दन यादव, किशोर मद्देशिया, राजेश यादव, धर्मेंद्र चौधरी, मुसाफिर, हरिचरण, राधेश्याम, राधे यादव, किशोर, जनार्दन, रामगोपाल, भरत, स्नेही, संतलाल चौधरी आदि शामिल थे।

डीएसओ पर रिश्वत मांगने का आरोप
घुघली। बेलवा तिवारी गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सुग्रीव चौधरी ने डीएसओ पर आरोप लगाया कि वह कोटा बहाल करने के लिए शंकर मद्देशिया से मोटी रकम की मांग करते थे। कई बार वह भी कोटेदार के साथ उनके पास गए थे। जिम्मदार अधिकारी शंकर मद्देशिया का मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। कोटेदार ने कई बार विनती भी की, लेकिन वे नहीं मानते। जबकि कोटा बहाली का हाईकोर्ट से आदेश भी हो गया था। आदेश के एक माह बाद भी उसका पालन नहीं किया गया।
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