फरेंदा। आबकारी विभाग की छापेमारी में फरेंदा धानी ढाला से मंगलवार की रात में करीब दस बजे नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। नकली शराब की फैक्ट्री सिधवारी के मनोज मद्धेशिया की राइस मिल में वर्षों से चल रही थी। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
आबकारी इंस्पेक्टर बसंत प्रसाद व सदर इंस्पेक्टर जिलाजीत सिंह व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने फरेंदा धानी ढाला पर मुखबिर की सूचना पर मंगलवार की रात सिधवारी के मनोज मद्धेशिया की राइस मिल में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़ी। छापेमारी के दौरान 450 लीटर स्प्रिट, 60 हजार खाली शीशी, करीब एक हजार ढक्कन, पांच सौ रैपर, 50 खाली ड्रम बरामद किया। आबकारी विभाग के टीम की गाड़ी को आता देख सभी धंधेबाज घरों में ताला बंद कर फरार हो गए थे।
जांच-पड़ताल के बाद आबकारी इंस्पेक्टर बसंत प्रसाद की तहरीर पर सिधवारी निवासी मनोज मद्धेशिया, भटहट गुलरिहा गोरखपुर निवासी हरिकेश जायसवाल, चौतरवां फरेंदा निवासी मनोज जायसवाल, अरुण जायसवाल बबिना होटल के सामने गोरखपुर, चंद्रशेखर जायसवाल निवासी घोष कंपनी चौराहा गोरखपुर निवासी के खिलाफ आबकारी एक्ट, धोखाधड़ी, 64 कापी राइट एक्ट आदि में केस दर्ज कर लिया गया है।
धानी ढाला पर निर्मित अवैध नकली शराब और इतने बड़े पैमाने पर सामग्री बरामदगी से जाहिर होता है कि फरेंदा में बनी नकली शराब क्षेत्र, पड़ोसी जिलों सिद्धार्थनगर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया आदि में भी इसकी सप्लाई की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा काफी दिनों से चल रहा था। लेकिन इसकी भनक न तो आबकारी विभाग को थी और न ही पुलिस विभाग को।