पनियरा क्षेत्र के ग्रामसभा शीतलपुर के साधू टोले में मायके जाने की जिद पर अड़ी महिला ने बच्ची समेत खुद को आग के हवाले कर दिया था। झुलसने से बच्ची की मौत हो गई थी। जबकि आग बुझाने में पति भी झुलस गया था। दंपति का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है जहां पति की हालत गंभीर है।
साधू टोले के सुरेश राजभर अपनी पत्नी नीतू के साथ बड़े भाई रमेश व मां से अलग रहता है। होली के दिन नीतू ने मायके जाने की जिद कर बैठी। मां ने बड़ी बहू से सुरेश को दो पीस मीट और खाना देने की बात कही। सुरेश को भाभी द्वारा दिए गए खाना खाते देख आग बबूला हो गई। डेढ़ वर्षीय बच्ची को गोद में लेकर केरोसिन डालकर आग लगा ली। दोनों को जलते देख पति ने आग बुझाने की कोशिश में घर के बगल के पोखरे में कूद गया।
गंभीर रूप से जली बच्ची सोनाली की मौत हो गई। पति और पत्नी को गांव वालों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनियरा पहुंचाया। डॉक्टरों ने नाजुक स्थिति देखते हुए दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां दोनों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई है। पति चेहरे से लेकर पैर तक जला है जबकि पत्नी पेट और पैर में जली है।सुरेश की शादी तीन वर्ष पूर्व श्याम देउरवा क्षेत्र के तरकुलवां गांव में हुई है। वह पनियरा में एक व्यापारी का टेंपो चलाता है। सोनाली एकलौती पुत्री थी।