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बैंक से भुगतान न होने पर सड़क जाम

Fri, 02 Dec 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
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घुघली में जाम लगाते लोगों को हटाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज/घुघली। जरूरत के मुताबिक कैश की व्यवस्था नहीं हो पाने से शहर से लेकर कस्बाई इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है। बृहस्पतिवार को नगर में बैंक रोड पर सुबह नौ बजे से तीन बजे तक लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को एसबीआई के सामने जाम की जानकारी होते ही सदर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मशक्कत कर आवागमन सुचारु कराया। बैंक पर पुलिस के लोग लगाए गए थे।
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घुघली में कई दिनों से कतार में लगने के बावजूद भुगतान न होने पर लोगों ने सड़क जाम कर दी। बैंक कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। स्टेट बैंक शाखा में सुबह 6 बजे से ही लोग लाइन में लगे थे। कोई शादी की तैयारियों के लिए पैसे लेने आया था तो किसी को दवाई व अस्पताल का बिल चुकाने के लिए। किसी को राशन के लिए तो किसी को बच्चे की स्कूल की फीस जमा करनी थी।

शाखा प्रबंधक ने 11 बजे कैश न होने के चलते भुगतान में असमर्थता जता दी। इससे उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। मौके पर मौजूद महिला ग्राहकों ने बैंक कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाते हुए मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंचे थानाध्यक्ष अनुज कुमार व शाखा प्रबंधक पीके जैन ने समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया। 
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झुलनीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, पहली दिसंबर को बैंक खुले तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। नौकरी पेशा वालों के साथ पेंशनर भी लाइन में थे, लेकिन कैश की किल्लत से ज्यादातर लोगों को निराश लौटना पड़ा तो कुछ बैंकों ने उपलब्धता के आधार पर कैश बांटकर लोगों को शांत करने का प्रयास किया। नगर की छह बैंक शाखाओं में दो तो पहले से कैश लेश हैं जबकि सेंट्रल बैंक एक दिन के अंतर पर उपलब्धता के आधार पर पेमेंट कर रहा है।

यूनियन और स्टेट बैंक के चेस्ट भी खाली हो चले हैं और पीएनबी की ग्राहक सेवा का भगवान ही मालिक है। नोटबंदी के बाद से ही ज्यादातर बैंकों के एटीएम बंद पडे़ हैं। एक दो खुल भी रहे है तो जल्दी ही ड्राई हो जा रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, बृहस्पतिवार को बैंक खुलते कैश नही होने की सूचना मिलते ही पीएनबी के उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। आक्रोशित महिलाओं ने बैंक का शटर बंद कर दिया। जिसमे बैंक कर्मचारी लगभग बीस मिनट तक बैंक के भीतर बंधक बनकर रह गए। जबकि एक कैशियर बैंक के बाहर शटर खुलने की प्रतीक्षा करते रहे। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पूर्व कुछ लोगों ने शांत कराकर शटर खुलवा दिया। इस दिन कैश के अभाव मे भुगतान नही हो सका।

रोजना की तरह लगभग 9 बजे बैंक कर्मचारी बैंक पहुंचे उस दौरान भारी भीड़ जमा थी। कर्मचारी बैंक के भीतर दाखिल होने बाद ही सूचना जारी किए कि कैश नही हैं। इस बात पर लोग नाराज हो गए। सहायक प्रबंधक थापा और फील्ड आफिसर राजू कुमार सिंह ने बता़या कि महिलाएं कटु शब्दों का प्रयोग करते हुए बैंक का शटर बंद कर दीं। वह लोग बैंक के भीतर बैंक के भीतर बंधक बनकर बीस मिनट तक रह गए। जबकि कैशियर सुजीत त्रिपाठी बाहर रह गए। सुजीत ने बताया कि कुछ संभ्रांत लोगों ने समझाकर शटर खुलवा दिया।
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