फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरहुरवा में प्रतिबंधित मांस मिलने से गुस्सा

Fri, 08 Jul 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के नेता सुरहुरवां गांव में पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
महराजगंज। ईद पर्व पर नेता सुरहुरवा में नहर के किनारे प्रतिबंधित मांस मिलने पर सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही हियुवा के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। एक प्रतिनिधि मंडल गांव में पहुंचा। अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। 
विज्ञापन


सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के नेता सुरहुरवा निवासी व हियुवा कार्यकर्ता कन्हैया शर्मा बृहस्पतिवार को सुबह कहीं जा रहे थे। नहर के पास प्रतिबंधित मांस और मलबा फेंका देख इसकी जानकारी हियुवा पदाधिकारियों को दी। सूचना के बाद उपाध्यक्ष संजय यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता कोतवाली में बैठे डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, एसपी भारत सिंह से मिले और जानकारी दी। अधिकारियों के आदेश के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया और आश्वासन दिया कि जल्द ही अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। 

हियुवा के जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय ने कहा कि छह माह पहले भी उसी क्षेत्र में गोकशी की घटना हुई थी। लेकिन पुलिस आज तक अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं करती है तो प्रदर्शन होगा। कहा कि पूरे मामले को सांसद महंत आदित्यनाथ से अवगत करा दिया गया है। प्रतिनिधि मंडल में संजय शर्मा, आकाश श्रीवास्तव, बृजेश पांडेय, कन्हैया जायसवाल ने शामिल थे।
विज्ञापन


कई संगठनों में उबाल
महराजगंज। नेता सुरहुरवा की घटना को लेकर हिंदू संगठनों में उबाल है। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल ने बैठक कर रणनीति बनाई। बैठक में प्रांत गोरक्षा प्रमुख ने कहा कि जनपद में गोवध की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। अगर गो हत्या व तस्करी नहीं रुकी तो इसके अंजाम गंभीर होंगे। सुर्दशन ने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो गांव में पंचायत बुलाई जाएगी। ग्राम प्रधान नेता सुरहुरवा रामललित चौरसिया, बडीसी रघुवंश मणि, रामसूरत ने कहा कि एक साल पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। लेकिन अभियुक्तों पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान अनिल, संदीप गुप्ता, राकेश कश्यप आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें