अड्डा बाजार। पैसिया बाबू के न्यू पीएचसी के पास खाली पड़े कर्मचारी आवास की बाउंड्री के अंदर झाड़ियों के बीच बृहस्पतिवार की रात जिस अनुपम त्रिपाठी की लाश मिली थी, वह बस्ती से रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने घर आ रहा था। बहन प्रियंका राखी बांधने के लिए उसका इंतजार कर रही थी। इकलौते पुत्र की मौत के साथ ही घर का चिराग बुझ गया। पुलिस चौकी पर पहुंचे परिजनों के करुण क्रंदन से मौजूद लोग भी सुबकने को मजबूर हो गए।
सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थानांतर्गत लकड़ी गांव के अवधेश्वर त्रिपाठी नजदीकी सिकरी चौराहा पर मकान बनाकर रहते हैं। जबकि उनके भाई मौलेश्वर त्रिपाठी सपरिवार नौतनवां में रहते हैं। तीन संतानों में बड़ी बेटी प्रिया की शादी हो चुकी है। एकमात्र पुत्र अनुपम प्रतापगढ़ में बीकॉम सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे और बस्ती में भी रहते थे। तीसरी संतान बेटी प्रियंका है।
अनुपम का तीन-चार महीने पूर्व जनेऊ संस्कार हुआ था। पुलिस के अनुसार, पिता अवधेश्वर की अनुपम से बुधवार की रात एक बजे तक मोबाइल से वार्ता हुई थी। वह गोरखपुर तक पहुंचने की बात कहा था। उसके बाद उसने फोन रिसीव नहीं किया। बताया कि कई बार काल करने पर बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न लगभग दस बजे किसी अन्य ने फोन रिसीव किया। उसका जवाब था कि वह गोरखपुर से बोल रहा है। मोबाइल गिरा पाया है और स्विच ऑफ कर दिया। पिता ने बताया कि इसके बाद उनकी बेचैनी बढ़ गई। नौतनवा से भी कोई लोकेशन नहीं मिल रही थी। मां अर्चना और बहनें रोते-रोते बेसुध हो जा रही हैं।
पीएम रिपोर्ट से उठेगा रहस्य से पर्दा
अड्डा बाजार। शव के पास कीटनाशक, बोतल में पानी, कुछ दूरी पर किताबें भरी बैग आदि घटना का उलझा रहे हैंं। कान, नाक से रक्तस्राव, मलमूत्र निकलना, पैंट घुटने तक आना और फुटवियर पैरों में रहने और घसीटने के निशान न होना किसी गहरी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि पुलिस दोनों नजरिए से देख रही है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने का इंतजार है। उसके बाद यदि जरूरत पड़ी तो गहन जांच में सब पता चल जाएगा।