शनिवार का दिन किसानों और गरीबों पर भारी पड़ा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगी आग से सैकड़ों घर के साथ कई एकड़ गेहूं की फसल भी राख का ढेर बन गई। तेज हवाओं के चलने से क्षति ज्यादा हुई है। सरकारी मशीनरी और अमला पूरी तरह से असफल रहा।
सदर ब्लॉक के लखिमा थरूआ,चौपरिया व चिऊरहां के सीवान में आग से तीस एकड़ से अधिक फसल जल कर राख हो गई। दिन में 11 बजे गांव के ही एक किसान डंठल से भूसा बना रहे थे कि ट्राली में मौजूद भूसे में आग लग गई। आग देखते ही देखते सीवान के खेत में पड़े डंठल जलने लगे। लोग डंठल जलता देख आग को बुझाने का प्रयास करने लगे। तेज हवा होने के कारण गांव के लोग आग बुझाने में सफल नही हो सके। आग लखिमा गांव पहुंच गई। तेजबहादुर, वंशबहाद़ुर, रामआधारे, गणेश दत्त, जगदीश, रामनरायन, सम्पत, ईश्वर की कई एकड़ फसल जल कर राख हो गई। लोगों ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई। दमकल कर्मी आग बुझा ही रहे थे कि टैंकर में पानी खत्म हो गया। इससे नाराज लोग हंगामा करने लगे।
इसी दौरान मुख्यालय से पुलिस की सौ नंबर की गाड़ी पहुंची। किसानों से और नगर चौकी इंचार्ज विकास यादव से व्यवस्था को लेकर कहा सुनी हो गई। लोगों ने पुूलिस गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया। चौकी इंचार्ज विकास यादव, अंजनी मिश्रा समेत दो अन्य पुलिस कर्मियों को पथराव के दौरान चोट लगी है।
नौतनवा प्रतिनिधि के मुताबिक परसामलिक क्षेत्र के शीशमहल के टोला कल्याणपुर में दोपहर एक छप्पर के घर में आग लगने से एक लाख मूल्य से ज्यादा के सामान जल गए। बताया जा रहा कि मिठाई लाल चौधरी के घर खाना बनने के दौरान चिंगारी विकरालरूप धारण कर ली। लोगों ने बाहर भागकर जान बचाई। गेहूं बेचकर रखे 18 हजार नकद, पंपसेट, सिलाई मशीन, साइकिल सहित अन्य सामान जले हैं।
घुघली प्रतिनिधि के मुताबिक कोठीभार क्षेत्र के रानीपुर व मझौउवा में गांव के पश्चिम जयश्री व डोमई के घर के पास रखे गोबर की ढेर से चिंगारी निकली। दोपहर एक बजे पूरे गांव को अपनी चपेट में ले ली। सैकड़ों घर जलकर राख हुए हैं। अथक परिश्रम के बावजूद गांव को नहीं बचाया जा सका। चिंगारी अगले गांव मझौउवा को भी चपेट में ले ली। तेज हवाओं के साथ पूरे गांव में आग फैल गई। तीन घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची तब तक काबू पाया जा चुका था। दोनों गांव में 100 से अधिक घर जले हैं। रानीपुर में सम्हारु के दरवाजे पर खड़ी बेलोरो सहित खाने पीने के सामान, गहने, नकदी, कपड़े आदि राख हो गए। इस दौरान गांव ही नहीं पूरे क्षेत्र में हाहाकार की स्थिति बनी रही। कई लोग बेघर हुए तो कई की गृहस्थी जल गई।
किसानों की नाराजगी पुलिस और प्रशासन पर भी थी। कई एक जगहों से फोन के बाद दमकल कर्मी काफी बिलंब से पहुंचे।