भारत-नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर के दौरे पर आई एसएसबी की डीजी अर्चना रामासुंदरम ने नेपाल के हालत को देखते हुए बार्डर पर सुरक्षा बढ़ाने के अधिकारियों को निर्देश दिए।मंगलवार की दोपहर सोनौली बॉर्डर पहुंची डीजी को एसएसबी महिला जवानों ने फूल- गुलदस्ता देकर स्वागत किया।
इस दौरान एसएसबी कैंप और नो मेंस लैंड का निरीक्षण करने के उपरांत उन्होंने सरहद की सभी एजेंसियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि सीमा का यह पहला दौरा है। नेपाल के हालात को देखते हुए सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल हमारा पड़ोसी देश है। सुरक्षा के साथ मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान एएसपी हरि गोविंद, सीओ नौतनवा गोपी नाथ सोनी, कस्टम अधीक्षक मोहम्मद सुहैल, प्रशांत मिश्रा, नेपाल के बेलहिया कस्टम अधीक्षक रविन्द्र पेकुरेल, बेलहिया निरीक्षक अभय विक्रम साह, नेपाल एसएसबी प्रभारी बी गौतम समेत एसएसबी के अधिकारी मौजूद थे।
खैराघाट में बीओपी का उद्घाटन किया
नौतनवा में हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद सबसे पहले उन्होंने सोनौली बॉर्डर पर चलने के अधिकारियों को निर्देश दिया। यहां का दौरा करने के बाद वह एसएसबी कमांडों के काफिले के साथ खैराघाट में बने एसएसबी के नव निर्मित भवन का उद्धाटन किया और सैनिक सम्मेलन समेत दोमुहनवा घाट बीओपी का निरीक्षण के बाद हेलीकॉप्टर से दिल्ली रवाना हो गईं।
डीएम, एसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
एसएसबी डीजी के आने के पूर्व डीएम वीरेन्द्र कुमार सिंह और एसपी भारत सिंह यादव सोनौली पहुंच कर चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिया।
मिली भगत से होती है तस्करी
भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में फैले मादक पदार्थो की तस्करी रोकने के संबंध में प्रधान प्रतिनिधि मदेंद्र जायसवाल ने एसएसबी डीजीपी को एक ज्ञापन सौंपा। जिसके अनुसार सरहद पर एसएसबी की सांठगांठ से ही मादक पदार्थ की तस्करी होती है।