महराजगंज। लगातार बरसात को देखते हुए जर्जर भवनों में कक्षाएं नहीं चलेंगी। कच्ची दीवारों पर टिन शेड डालकर स्कूल चलाने वालों की भी खैर नहीं है। बारिश के चलते इनके ध्वस्त होने के खतरों को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही कक्षाएं चलाई जाएंगी। जहां कक्षाएं चलेंगी, मध्याह्न भोजन भी वहीं उपलब्ध कराया जाएगा। बीईओ के साथ ही मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधकों को इस संबंध में कड़ी हिदायत दी गई है। किसी भी अनहोनी पर बीईओ और प्रधानाध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की पहचान करने के साथ ही संबंधित प्रधान से मिल कर ग्राम सचिवालय या पंचायत भवन में कक्षाएं संचालित कराने को कहा है। बीएसए ने मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधकों को भी जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित न करने की चेतावनी दी है। यदि जर्जर भवन में कक्षा चलती है और कोई हादसा होता है तो स्कूल प्रबंधक भी जिम्मेदार होंगे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी जावेद आलम आजमी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने ब्लाक के जर्जर स्कूलों को चिह्नित कर लें। संबंधित गांव के प्रधान से मिलकर ग्राम सचिवालय अथवा पंचायत भवन में कक्षा संचालन के साथ वहीं पर एमडीएम भी उपलब्ध कराना होगा। बीएसए ने बताया कि कच्ची दीवार व शेड में स्कूल चलाने की अक्सर शिकायतें मिलती हैं। जो ठीक नहीं है। सभी बीईओ बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को चिह्नित कर कार्रवाई करें। मान्यता प्राप्त व एडेड स्कूलों के प्रबंधकों को भी चेताया है कि जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित होता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।