धानी। हाईवे पर बृजमनगंज थाना क्षेत्र के धानी गांव से चरीगावा मोड़ तक बदमाशों के लिए सेफ जोन बन गया है। चरीगांवा के पास स्वर्ण व्यवसायी से तीन लाख के जेवरात लूट मामले में पुलिस ने अभी तक मुकदमा नहीं दर्ज किया है। हालांकि पुलिस ने लूटकांड की जांच शुरू कर दी है। घटना के पर्दाफाश के लिए एसपी ने स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी लगाया है। पुलिस ने स्वर्ण व्यापारी की लूटी बाइक लावारिस हालत में बरामद कर ली है।
धानी गांव से चरीगावा मोड़ तक लूट और राहजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। शनिवार की रात चरीगावा गांव के पास बाइक सवार दो लुटेरों ने तमंचे की बट से हमलाकर धानी बाजार निवासी स्वर्ण व्यवसायी विनय वर्मा से तीन लाख रुपये मूल्य के जेवरात और बाइक लूट ली थी। लूटी मोटरसाइकिल को बृजमनगंज थाना क्षेत्र के पंचगपुर गांव के पास छोड़ दिया था। ग्रामप्रधान ने लावारिस अवस्था में पड़ी बाइक के बारे में थानाध्यक्ष बृजमनगंज को सूचना दी। पुलिस ने बाइक को कब्जे में ले लिया है। धानी-उस्का मार्ग पर हुई लूट से लोगों में भय और गुस्सा है।
दो साल पहले अगस्त 2014 में उसी जगह धानी बाजार निवासी रमेश अग्रहरि की दो लाख 39 हजार नकदी रुपये बदमाशों ने लूट लिया था। रमेश का सिकरा मंदिर चौराहे पर स्टेट बैंक ग्राहक सेवा केंद्र है। वहां काम करने वाला मुकेश केंद्र बंद कर धानी जा रहा था। बाइक सवार तीन बदमाशों ने मुकेश को चरीगावा के पास रोक कर आंखों में लाल मिर्च झोंक दिया और बैग में रखे दो लाख उनचालीस हजार रुपये लूट कर फरार हो गए थे।
इसी तरह बैसार निवासी स्वर्ण व्यवसायी राजदेव वर्मा से एक लाख बीस हजार रुपये के जेवरात बाइक सवार बदमाशों ने अक्टूबर 2013 में उस समय लूट लिया था, जब वह लेहड़ा बाजार स्थित दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। अगस्त 2013 में धानी-खडखड़िया राप्ती पुल पर बदमाशों ने तमंचे के बल पर मदनपुर थाना सिद्धार्थनगर निवासी अनूप त्रिपाठी से पचास हजार रुपये लूट कर फरार हो गए थे। चरीगावा के पास ही इसी जनवरी में फरेंदा निवासी व्यक्ति की बाइक लूट ली गई थी।
लेकिन सत्ता पक्ष के नेताओं के दबाव में पुलिस ने लूट की घटना में शामिल मुख्य आरोपी को छोड़ दिया था। व्यापारियों के साथ हो रही लूट की घटनाओं से लोगों में भय और दहशत का माहौल है। लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस सक्रिय रहती तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।