परसा बेनी में आग लगने सारे सामान जलकर राख हो गए।
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज/फरेंदा। पछुआ हवा के साथ दूसरे गांव से निकली चिन्गारी नौ परिवारों को बेघर कर दी। इन परिवारों के सामने भोजन का भी संकट खड़ा हो गया है। आग लगने की सूचना गांव के लोग पुलिस व फायर ब्रिगेड को देने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा तो गांव के लोग उग्र हो रहे थे। काफी देर के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर अपना खानापूरी कर रही थी।
फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम परसाबेनी के टोला छतरपुरवा से निकली आग की चिंगारी ने बगल के गांव डिहवा को आगोश में ले लिया। गेहूं के डंठल जलाते हुए आग गांव के फूलचंद की झोपड़ी में पहुंच गई। गांव के लोग आग बुझाने के प्रयास कर रहे थे कि तेज पछुआ हवा के कारण बगल के हीरा, लालचंद, रमाशंकर, तूफानी, संत प्रसाद, राजदेव, उमेश व मुकेश के घर आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते नौ के नौ घर जलकर राख हो गए।
आग लगने की घटना से अंदर रखा गेहूं, चावल, कपड़ा, साइकिल, बिजली के उपकरण जल गए। गांव में आग लगते ही लोगों ने मोबाइल फायर बिग्रेड को देने का प्रयास किया तो विभाग का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी तो काफी देर के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूपी 100 की गाड़ी घटना स्थल पर पहुंची तो ग्रामीणों ने खदेड़ दिया।
बाद में 100 नंबर की पुलिस व फरेंदा कोतवाल संजय कुमार सिंह फायर ब्रिगेड की गाड़ी के साथ गांव पहुंचे तो गांव के लोगों ने उन्हें भी घेर लिया। कोतवाल के काफी समझाने बुझाने पर लोग माने। परतावल प्रतिनिधि के अनुसार, श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा लखिमा के बाजार टोला पर किसी बच्चे के माचिस जलाने से प्रेम भारतीय शिव गुप्ता सुदामा गुप्ता अकलू गुप्ता मुराली गुप्ता आदि के दो एकड़ गेहूं राख हो गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।