रविवार की रात साढ़े ग्यारह बजे हॉस्पिटल रोड के सामने हुई बाइक की टक्कर से घायल वार्ड नंबर नौ गजरू टोला निवासी रोशनतारा गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में सोमवार की रात जिंदगी और मौत से लड़ रही जंग से हार गई।
बाइक दुर्घटना में रोशनतारा के मरने से उनके बच्चों के सर से ममता का आंचल छिन गया। पिता के विदेश होने के कारण बच्चे अपने को अनाथ सा महसूस कर रहे हैं।
शवे-बरात की रात रोशनतारा के लिए काल बन कर आई। इसमे बच्चे मां के आंचल के छांव से महरूम हो गए । फातिहा पढ़ने के लिए घर से निकली रोशनतारा ने शायद यह सोचा भी न था कि शवे बरात की रात उनकी जिंदगी की आखिरी रात है।
मुहल्ला निवासी टुन्नू के साथ रोशनतारा सिसवा बुजुर्ग स्थित कब्रिस्तान से फातिहा पढ़कर घर वापस लौट रही थीं अभी वह हॉस्पिटल मोड़ के पास पहुंची थीं की तभी पीछे से आ रहे घुघली थानाक्षेत्र निवासी जय सिंह और जैशराज की बाइक से टक्कर हो गई। इसमें दोनों बाइक पर सवार चारों लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए।
राहगीरों की मदद से सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया गया। लेकिन चिकित्सक के अभाव में सभी घायल लगभग आधे घंटे तक दर्द से तड़पते रहे। वार्ड ब्वॉय मुनीराम ने प्राथमिक उपचार किया इसके बाद रोशनतारा को मेडिकल कॉलेज और जय सिंह को जिला अस्पताल ले गए। रोशनतारा को परिवार वालों ने गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुयी थी सोमवार की रात रोशनतारा आखिर अपनी जिंदगी की जंग हार गई।
रोशनतारा के पति अकबर अली पिछले तीन साल से सऊदी अरब के जद्दाह शहर में इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं। इनके कुल पांच बच्चे हैं। इसमे बड़ी बेटी फिरदोश (18),दूसरी अफिरोज (17), तीसरी तबस्सुम(12), बेटा अरशद (10) तथा छोटी बेटी सिमरन (8) है।