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तेंदुए के हमले में महिला की मौत

Sat, 16 Jul 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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तेंदुए का हमला - फोटो : amar ujala
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सिसवा बाजार। बड़हरा चरगहां में शुक्रवार की भोर में शौच के लिए 60 वर्षीय वृद्ध महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। काफी देर तक महिला घर नहीं लौटी तो परिवार वाले उन्हें ढूंढने निकले। गन्ने के खेत में उसका शव मिला। लोगों का कहना है तेंदुए के हमले से मौत हुई है। वन विभाग का कहना है कि घटनास्थल पर तेंदुए के पंजों के निशान नहीं मिले हैं। बाद में घर वालों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।
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 कोठीभार थाना क्षेत्र के बड़हरा चारगहां के छवघरवा टोला निवासी अशर्फी देवी शुक्रवार की भोर में पांच बजे के करीब शौच के लिए खेतों की तरफ निकली थीं। लेकिन तीन घंटे बीतने के बाद जब वे घर नहीं लौटीं तो उनके पति बगेदु गुप्ता उनको ढूंढने निकले। काफी तलाश के बाद जब वे गन्ने के खेत में पहुंचे तो वहां अशर्फी देवी का शव देखा। खून से लथपथ अशर्फी का शव देख बगेदु के होश उड़ गए। अशर्फी की गर्दन बुरी तरह से जख्मी थी।

उनके दोनों पैरों और शरीर पर कई जगह तेंदुए के पंजे का निशान थे। बगेदु ने शोर मचाया तो वहां लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। लोगों की मदद से पत्नी के शव को लेकर बगेदु घर पहुंचे और बाद में नारायणी नदी के भैसहां घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। बगेदु ने बताया प्रतिदिन अशर्फी शौच के लिए खेतों की ओर जाती थीं। जब उनके वापस घर आने में देर होने लगी तो वह उनकी तलाश में निकले। उनका कहना था कि शायद तेंदुआ हमला करने के बाद अशर्फी के शव को खेत में खींच ले गया था।
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इस संबंध में निचलौल के फारेस्ट रेंजर अशोक चंद्रा ने बताया कि गांव वालों की सूचना पर वन दरोगा को मौके पर भेजा था। वन दरोगा के पहुंचने से पहले ही परिवार वालों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया था। घटनास्थल पर तेंदुए के पंजों के निशान नहीं मिले हैं।

गांव वालों नेे  तेंदुए को जंगल में खदेड़ा
निचलौल। निचलौल रेंज के बजही में बृहस्पतिवार की रात तेंदुए ने एक पालतु कुत्ते को मार बगल की घारी में घुस  गया। गायों के शोर मचाने पर जगे ग्रामीणों ने लुक्कारा लेकर तेंदुए को जंगल में खदेड़ा। जंगल से सटे बजही में बृहस्पतिवार की रात करीब  एक बजे सीताराम के घर के दरवाजे पर बंधे उनके पालतू कुत्ते को तेंदुए ने  मार डाला। इसके बाद सुभाषचन्द की घारी में घूस गया। गायों के चिल्लाने पर  जगे सुभाष तेंदुए को देख बदहवास हो चिल्लाने लगा। उसके बाद ग्रामीणों ने लुक्कारा लेकर घारी में छिपे तेंदुए को खदेड़ा। सुबह करीब पांच  बजे तेंदुआ गांव से निकला तो लोगों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद से ही  ग्रामीण दहशत में हैं। रेंजर अशोक चन्द्र का कहना कि वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया  था। जंगली जानवरों और लोगों की सुरक्षा को लेकर विभाग सजग है।
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