तेंदुए को पकड़ने को फैलाया जाल
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महराजगंज। जिले में अलग अलग जगहों पर तेंदुआ जंगल से भटक कर जंगल के किनारे बसे गांव में पहुंच जा रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की व्यवस्था पर तेंदुआ भारी दिख रहा है। वहीं वन विभाग जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं मगर, वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए जितने खर्च किए गए हों मगर, दो दिन में कोई सफलता हासिल नहीं हो सकी है। पूरे वर्ष में जंगल से भटक कर छह-सात बार तेंदुआ आया है।
केवल एक बार लक्ष्मीपुर क्षेत्र में गांव वालों ने स्वयं तेंदुए को पकड़ कर वन विभाग को सौंपा था। हालांकि तेंदुआ घायल हो गया था और वन विभाग की सुपुर्दगी में उसकी मौत भी हो गई थी। उसके अलावा पुरंदरपुर क्षेत्र में भी वन विभाग व गांव वालों के सहयोग से तेंदुआ पकड़ा था। उसके बाद आज तक वन विभाग तेंदुआ पकड़ा नहीं सका है। पनियरा क्षेत्र के सुचितपुर बघौना में एक बार फिर शुक्रवार की सुबह रोहिन नदी के किनारे झाड़ी में तेेंदुए का पंजा देखकर गांव की दो महिलाएं बेहोश होकर गिर पड़ी। संयोग था कि तेंदुआ नहीं दिखाई पड़ा। उसके बावजूद गांव के लोगों ने निशान को देखकर शोर मचाने लगे। लेकिन वन विभाग के लोग तेंदुए को जंगल में भाग जाने की बात कह रहे हैं।
पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना में बृहस्पतिवार को तेंदुए के हमले में गांव के चिरंजीव गुप्ता, दरवारी गुप्ता व निर्मला देवी के ऊपर हमला कर दिया था। इसमें चिरंजीव गुप्ता की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। दो अन्य लोगों का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है।
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे के करीब बघौना की राजमती व किरन राहिन नदी के किनारे किसी काम से गई थी। झाड़ी में तेंदुए के पंजे को देखकर दोनों बेहोश हो गईं। थोड़ी देर बाद एक महिला को होश आया तो गांव में आकर शोर मचाई। गांव के लोग पहुंच कर बेहोश महिला को लाए। वन विभाग की टीम गांव में ही कैंप कर रही है, लेकिन दो दिन बाद भी तेंदुआ नहीं पकड़ा जा सका है। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के वन सीओ ओपी मिश्रा ने बताया कि तेंदुआ रोहिन तट होते पकड़ी जंगल में वापस जा चुका है। वहीं वन विभाग तेंदुए की संख्या दो होने की भी बात कह रहे हैं।